दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र में झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मां के इलाज के बहाने एक दुकानदार से करीब 13 लाख रुपए की ठगी करने वाले एक महिला और एक पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
यह घटना छावनी थाना क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी निवासी साइकिल दुकान संचालक संजय अठवानी (37 वर्ष) के साथ हुई। संजय ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले दो अज्ञात व्यक्ति उसकी दुकान पर साइकिल देखने के बहाने आए थे। बातचीत के दौरान उन्होंने संजय का मोबाइल नंबर लिया और खुद को ‘राजू’ बताया। यहीं से ठगी की साजिश शुरू हुई।
आरोपियों ने झाड़-फूंक के जरिए फंसाया
कुछ दिनों बाद आरोपी ने संजय को फोन कर उसकी मां की तबीयत के बारे में पूछा और झाड़-फूंक व पूजा-पाठ से इलाज कराने का दावा किया। लगातार बातचीत और धार्मिक बातों के जरिए आरोपियों ने संजय का भरोसा जीत लिया।
16 जनवरी 2026 को आरोपियों ने संजय को पावर हाउस फल मार्केट के पास बुलाया, जहां एक महिला के साथ देवी पूजा करवाई। इस दौरान उन्होंने नारियल और 1100 रुपए लेकर मां के जल्द स्वस्थ होने का विश्वास दिलाया।
पूजा के बाद आरोपियों ने संजय को यह कहकर भ्रमित किया कि उसकी मां पर बुरी छाया है, जिसे दूर करने के लिए सोने के आभूषण और नगदी को मंदिर में विशेष अनुष्ठान के लिए रखना जरूरी है। 20 जनवरी 2026 को संजय को रेलवे स्टेशन पावर हाउस भिलाई के पास बुलाया गया। वहां आरोपियों ने उससे चार सोने के कंगन (लगभग 60 ग्राम, कीमत करीब 5 लाख रुपए) और 8 लाख रुपए नगद ले लिए।
आभूषण और नगदी लेने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। संजय अठवानी की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और इस ठगी के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना छावनी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। ठगी की रकम और संगठित तरीके को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की।
सीसीटीवी और सबूतों के आधार पर की गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। कार्रवाई करते हुए बाबूलाल (45 वर्ष), निवासी श्रीरामपुर, जिला चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) और गीता राय, निवासी जिला हाथरस (उत्तर प्रदेश) को रायपुर के सरोना स्थित उनके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से लगभग 8 लाख रुपए नगद, मोबाइल और कीपैड फोन जब्त किए गए।
एक आरोपी फरार, अन्य मामलों की जांच जारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि इस ठगी गिरोह का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। साथ ही फिंगरप्रिंट्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने प्रदेश या अन्य राज्यों में इस तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।