भारतमाला घोटाला…पटवारियों ने सरकार को 40 करोड़ का चूना लगाया

Chhattisgarh Crimesभारत माला परियोजना के तहत मुआवजा वितरण में हुए बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने तीन पटवारियों के खिलाफ प्रथम पूरक चालान विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में पेश किया है।

आरोप है कि मूल खसरों के दस्तावेजों में हेरफेर कर शासन को करीब 40 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। विवेचना में सामने आया है कि भारत माला परियोजना रायपुर-विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन मामलों में इन पटवारियों ने भूमाफियाओं और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।

आरोप है कि अधिग्रहित सरकारी जमीन को दोबारा निजी भूमि बताकर मुआवजा दिलाया गया, निजी जमीन के गलत मुआवजे बनाए गए और बैकडेट में खाता बंटवारा व नामांतरण के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए।

29 अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए थे आरोपी

EOW के अनुसार, ब्यूरो में दर्ज अपराध क्रमांक 30/2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी), 12 और भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 471, 420 और 120-बी के तहत मामला पंजीबद्ध है।

इस मामले में दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। अब 24 जनवरी 2026 को इनके खिलाफ प्रथम पूरक चालान कोर्ट में पेश किया गया है।

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