
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। आरोपी ने पैसे लौटाने के नाम पर बिना पे ऑप्शन का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 420 भादवि के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक प्रक्रिया में भेज दिया है।
अलग-अलग समय पर 20 लाख लिए
पुलिस के अनुसार, 29 अगस्त 2025 को अंजोरा के रहने वाले सचिन मालगी (43) ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि विकास चंद्राकर नामक व्यक्ति ने उसे सरकारी डॉक्टर के पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसके बदले आरोपी ने अलग-अलग समय पर कुल 20 लाख रुपए ले लिए।
पैसे लेने के बाद भी नहीं लगाई नौकरी
पीड़ित का आरोप था कि पैसे लेने के बाद भी आरोपी ने न तो नौकरी लगवाई और न ही पूरी रकम वापस की। शिकायत की प्राथमिक जांच में मामला धोखाधड़ी का पाए जाने पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस लगातार आरोपी की पतासाजी कर रही थी।
सूचना मिलने पर आरोपी विकास चंद्राकर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपने मेमोरेंडम कथन में स्वीकार किया कि उसने मई 2023 में डॉक्टर की नौकरी लगाने के नाम पर प्रार्थी से 20 लाख रुपये लिए थे।
पैसे लौटाने चेक दिए, लेकिन उसमें भी पे-ऑप्शन नहीं रखा
आरोपी ने यह भी बताया कि नौकरी नहीं लग पाने की स्थिति में उसने अलग-अलग किश्तों में 8 लाख रुपये सचिन मालगी और उसकी पत्नी कीर्ति पटानी के खाते में वापस किए थे।
शेष 13 लाख रुपये लौटाने के लिए आरोपी ने भारतीय स्टेट बैंक के अपने खाते के दो चेक (5 लाख और 8 लाख रुपये) दिए थे। लेकिन आरोपी ने जानबूझकर अपने खाते में पे-ऑप्शन सक्रिय नहीं कराया, जिससे चेक बाउंस हो गए।
गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल
पुलिस ने आरोपी के कृत्य को गंभीर अपराध मानते हुए उसके खिलाफ विधिवत अभिरक्षा पत्र तैयार कर वैधानिक कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी का नाम विकास चंद्राकर (39), वह महासमुंद जिले का रहने वाला है। पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।