
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। हिंदुवादी संगठनों के लोगों ने आरोप लगाया कि चंगाई सभा के नाम पर हिंदु धर्म के भोले-भाले लोगों को एकत्र कर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। ओमेगा टोप्पो इस तरह से धर्मांतरण कराने में लिप्त रही हैं।
हिंदुवादी संगठनों ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी घर में इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान बिना पूर्व अनुमति के नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद ओमेगा टोप्पो के घर पर लंबे समय से हर रविवार इस तरह की चंगाई सभा आयोजित की जा रही है। जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, रविवार होने के कारण रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो के घर पर मीटिंग रखी गई थी। अंदर आराधना चल रही थी। इस दौरान हिंदुवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उनका आरोप था कि मीटिंग में शामिल हिंदु धर्म के लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
इसके बाद हिंदुवादी संगठनों ने फौरन पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुंची और अंदर जाने की बात की, लेकिन आयोजकों ने रोक लिया और कहा कि अंदर आराधना हो रही है। आराधना के बाद ही पुलिस अंदर जा सकती है। इसके बाद पुलिस ने चंगाई सभा में शामिल लोगों की जानकारी मांगी। रजिस्टर में होती है एंट्री
जिस पर आयोजकों ने रजिस्टर दिखाया। इसमें आयोजन में शामिल होने वाले लोगों का नाम दर्ज था। उन्होंने बताया कि आयोजन में शामिल होने वालों को हस्ताक्षर के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है।रजिस्टर में अलग-अलग दिनों में आयोजित चंगाई सभा और उसमें शामिल होने वाले लोगों की भी जानकारी दर्ज है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
पुलिस ने दर्ज की FIR
मामले में गांधीनगर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो और चार पास्टरों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। जहां उसने से पूछताछ की गई। वहीं, इस मामले में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि हिंदुवादी संगठनों के लिखित आवेदन पर छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वातंत्रय अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।