
जानकारी के अनुसार, युवक जब भुगतान लेने के लिए संबंधित मकान पहुंचा, तभी पिटबुल ने अचानक हमला कर दिया। हमले में युवक के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गहराई तक काटने का घाव आया है। घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी यही पिटबुल कुछ दिन पहले एक डिलीवरी बॉय और एक महिला पर हमला कर चुका है।
पिटबुल पालना नियमों के खिलाफ
स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष का कहना है कि पिटबुल जैसी नस्ल को पालना मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुत्ते को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के खुले में रखा गया। न तो घर पर चेतावनी संबंधी सूचना बोर्ड लगाया गया था और न ही आने-जाने वालों को सतर्क किया गया, जिसके चलते यह हमला हुआ।
कठोर कार्रवाई की मांग
घायल युवक के परिजनों और परिचितों ने कुत्ते के मालिक पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि प्रतिबंधित नस्ल को पालना और उसे खुले में छोड़ना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
पालतू कुत्तों के हमलों से बढ़ी चिंता
शहर में आवारा कुत्तों के साथ-साथ पालतू कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि नियमों के सख्त पालन और निगरानी के बिना इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से प्रतिबंधित नस्लों को लेकर स्पष्ट और सख्त कार्रवाई की मांग की है।