
मीडियाकर्मियों ने हेडमास्टर का वीडियो रिकार्ड करना शुरू किया तो वे उठकर बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करने लगे। अत्यधिक नशे की हालत में होने के कारण वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। इसकी जानकारी तत्काल सूरजपुर DEO अजय मिश्रा को दी गई। डीईओ के निर्देश पर रामानुजनगर BEO डीएस लकड़ा के नेतृत्व में एक जांच टीम मौके पर पहुंची।
BEO डीएस लकड़ा ने हेडमास्टर, स्कूल के टीचर व ग्रामीणों का बयान दर्ज किया। ग्रामीणों ने बताया कि हेडमास्टर अकसर शराब पीकर स्कूल आते हैं। शिक्षकों ने भी इसकी पुष्टि की है। हेडमास्टर निरंजन कुशवाहा ने भी स्वीकार किया कि वे कभी-कभी शराब का सेवन करते हैं। हेडमास्टर को सस्पेंड करने की अनुशंसा
मीडियाकर्मियों ने जब हेडमास्टर से बात की तो वे नशे की हालत में जिले के कलेक्टर व डीईओ का नाम भी नहीं बता सके। बीईओ ने ग्रामीणों एवं शिक्षकों का बयान दर्ज किया है और हेडमास्टर को सस्पेंड करने की अनुशंसा के साथ जांच प्रतिवेदन सूरजपुर डीईओ को भेजा है।
23 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षक
नर्मदापुर प्रायमरी स्कूल में पहली से पांचवीं तक के 23 बच्चे पढ़ते हैं। उन्हें पढ़ाने के लिए हेडमास्टर सहित तीन टीचर पोस्टेड हैं। ग्रामीणों ने बयान में बताया है कि हेडमास्टर अकसर नशे की हालत में स्कूल आते हैं। इससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने हेडमास्टर को हटाने की मांग की है।