छ्त्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं को देखते हुए बस्तर जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया

Chhattisgarh Crimesछ्त्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्कूल और कॉलेज की परीक्षाओं को देखते हुए बस्तर जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण पर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले में लाउडस्पीकर, डीजे और अन्य तेज आवाज करने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। जारी आदेश के अनुसार, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक रहेगी।

 

आदेश में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं और तेज आवाज के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में छूट मिलेगी।

 

आदेश की अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई

 

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ अधिनियम की धारा 15 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई शामिल हो सकती है।

 

कुछ विशेष परिस्थितियों में मिलेगी छूट

 

हालांकि, विशेष परिस्थितियों में ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग के लिए छूट का प्रावधान रखा गया है। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी या नगर दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति केवल आवश्यकता की जांच के बाद और सीमित अवधि के लिए ही दी जाएगी। यह आदेश पूरे परीक्षा काल तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन सुनिश्चि

त करें।