
दरअसल, सुमित्रा नेताम (37) मूल से रूप से ओडिश की रहने वाली थी। पति के छोड़ने के बाद वह ग्राम गरीबा के बाहर झोपड़ी में रहती थी। वह मजदूरी करने अपना भरण-पोषण करती थी। इसके अलावा आरोपी सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) भी मजूदरी करते हैं।
आरोप है कि सुमित्रा सुगतिन और ईतवारिन के चरित्र को लेकर गांव में अपमानजनक बातें फैला रही थी। जिससे दोनों में नाराजगी थी। 2 जनवरी दोपहर दोनों सुमित्रा के झोपड़ी पर पहुंचे। जहां तीनों में जमकर विवाद हुआ। फिर आरोपियों ने सुमित्रा के पैर-हाथ बांधे। इसके बाद प्राइवेट पार्ट पर मिर्ची पाउडर डाला दिया। हत्या के बाद झोपड़ी में लगाई आग
इस दौरान वह खुद को बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही। लेकिन झोपड़ी आबादी वाले जगह से काफी दूर था। बाद में आरोपियों ने सुमित्रा के छाती पर चढ़कर डंडों और लात-घूंसों से जमकर पीटा। जिससे उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों महिलाओं ने झोपड़ी में आग लगाकर भाग निकली। मामले को दबाने की कोशिश
देर शाम ग्रामीणों की हत्या की जानकारी मिली। पहले तो ग्रामीणों ने बैठकर मामले को दबाने की कोशिश की। लेकिन कुछ ग्रामीणों के विरोध के बाद 3 जनवरी को मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हिरातस में लेकर की पूछताछ, स्वीकारा जुर्म
मामले की गंभीरता को देखते ही पुलिस ने जांच तेज की और सुगतिन और ईतवारिन को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों महिलाओं ने जुर्म स्वीकार किया और बताया कि वह उनके चरित्र के बारे में गांव-गांव घूम-घूमकर अपमानजनक बातें फैला रही थी।
फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही हत्या में इस्तेमाल डंडों सहित अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। इस मामले में थाना प्रभारी नकुल सिदार ने बताया कि आरोपी महिलाएं को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।