सरगुजा में अब मिलावटी और गुणवत्ताहीन खोवा-पनीर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई

Chhattisgarh Crimesसरगुजा में अब मिलावटी और गुणवत्ताहीन खोवा-पनीर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शहर में आने वाले खोवा-पनीर की जांच की जाएगी। डेयरी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना बिल-वाउचर के खरीद-बिक्री न करें। अब शादी, पार्टियों में उपयोग होने वाले खोवा, पनीर और दही की भी जांच होगी। कैटरिंग वालों के नकली खोवा-पनीर बाहर से मंगाने की शिकायत के बाद यह सख्ती की गई है। दरअसल, शादी और पार्टियों के सीजन में अलग-अलग होटलों में बड़े पैमाने पर नकली और घटिया गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद खपाए जा रहे हैं। गुणवत्ताहीन खोवा, दही और पनीर लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। इसके अलावा बिला लाइसेंस संचालित डेयरी दुकान सील किया गया है।

 

दूसरे राज्यों से पहुंच रहा नकली खोवा-पनीर

 

गुणवत्ताहीन और मिलावटी डेयरी उत्पाद पड़ोसी राज्यों से मंगाए जा रहे हैं। साथ ही लो ग्रेड मिल्क पाउडर से बने पनीर की सप्लाई भी बड़े पैमाने पर हो रही है। तीन दिन पहले प्रतीक्षा बस स्टैंड में बस के जरिए बड़ी मात्रा में घटिया पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद पहुंचने का मामला सामने आया था।

 

जांच के लिए 7 सदस्यीय टीम गठित

 

खाद्य और औषधि प्रशासन ने मिलावट की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहे और अंतरराज्यीय बस स्टैंड में बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की जांच के लिए टीम गठित की है। खाद्य और औषधि प्रशासन अधिकारी नितेश मिश्रा ने टीम का गठन किया है। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी लक्ष्मी कान्त यादव, नमूना सहायक टुलेश्वर सिंह, लैब टेक्नीशियन गौरव कुमार महंत, लैब अटेंडेंट ऋषि कुमार सहित कुल 7 सदस्य शामिल हैं।

 

4 फरवरी से चौक-चौराहों और होटलों में सैंपलिंग

 

टीम 4 फरवरी से शहर के चौक-चौराहों, यात्री बसों, रेलवे स्टेशन और होटलों में जाकर खोवा, पनीर और दही की जांच के लिए सैंपल लेगी। बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों के बिल-वाउचर का मिलान भी किया जाएगा।

 

कैटरर्स कर रहे गुणवत्ता से समझौता

 

जांच में सामने आया है कि शहर के छोटे होटल संचालक और शादी-विवाह का टेंडर लेने वाले कैटरर्स कम गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद मंगाते हैं। अब खाद्य और औषधि प्रशासन की टीम शादी-विवाह और पार्टियों में भी कैटरर्स के डेयरी उत्पादों की जांच करेगी। बिना लाइसेंस संचालित डेयरी बंद

 

मंगलवार को खाद्य और औषधि प्रशासन की टीम ने प्रतीक्षा बस स्टैंड में निरीक्षण कर बस काउंटरों के आवक-जावक पंजी की जांच की। बस संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे बिना जीएसटी बिल के किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ दूसरे जिलों से सरगुजा जिले में न लाएं और इसकी सूचना विभाग को दें।

 

निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड में संचालित अनिल डेयरी की जांच की गई। बिना लाइसेंस संचालन की पुष्टि होने के बाद दुकान को बंद करा दिया गया।

 

नकली डेयरी उत्पादों पर रोक लगाने की पहल

 

खाद्य और औषधि प्रशासन अधिकारी नितेश मिश्रा ने कहा कि छोटे होटल और कैटरर्स की मांग पर गुणवत्ताहीन डेयरी उत्पाद शहर में आ रहे हैं। इसलिए शादी-विवाह के सीजन में कैटरर्स के डेयरी उत्पादों की जांच की जाएगी। साथ ही बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की कड़ी जांच होगी।

 

गुणवत्ताहीन खोवा, पनीर और दही पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

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