
शहरी क्षेत्र के लिए- नई व्यवस्था में प्रत्येक थाना क्षेत्र में तीन से चार बीट बनाए गए हैं। तीन शिफ्ट में जवान बीट की निगरानी करेंगे। सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक पहली शिफ्ट और दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक दूसरी शिफ्ट गश्त पर रहेगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बीट प्रभारी रायफल लेकर गश्त करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए- ग्रामीण इलाकों के थाना क्षेत्रों में दो शिफ्ट में टीम गश्त करेगी। पहली टीम सुबह और दूसरी टीम रात में गश्त करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में दो से तीन बीट बनाए गए हैं, और बीट का क्षेत्रफल काफी बड़ा है।
बल की कमी बन सकती है बड़ी चुनौती
नई व्यवस्था में बल की कमी बड़ी चुनौती है। इससे हवलदारों को बीट गश्त के बाद डायरी की जांच भी करनी होगी, जिसके चलते उन पर काम दबाव बढ़ेगा। इसे लेकर वो चिंतित हैं। अफसरों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में छोटे थानों में 2-3 और बड़े थाना क्षेत्रों में 4 बीट बनाई गई हैं। प्रत्येक बीट में एक समय पर 6 जवान गश्त पर रहेंगे। तीन शिफ्ट में कुल 24 जवान व्यस्त रहेंगे। इससे थाने का कामकाज प्रभावित हो सकता है। इतना ही नहीं, शिफ्ट खत्म होने के बाद बुलाने पर आरक्षक भी थाने आने में मनमानी कर सकते हैं।