
एडमिनिस्ट्रेशन ने कर्मचारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी और अधिकारी की होगी।
दरअसल, नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल 20 जुलाई से 15 अगस्त के बीच कभी भी विश्वविद्यालय का दौरा कर सकती है। NAAC की टीम इस यूनिवर्सिटी के हर विभाग यूनिवर्सिटी के हर विभाग के फाइल और दस्तावेज का मूल्यांकन करेगी। इस दौरान विश्वविद्यालय कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहता।
ग्रेड सुधार विवि की प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि पिछले बार कमजोर प्रदर्शन के कारण विवि को आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस बार ग्रेडिंग में B++ से अपग्रेड करने की तैयारी की है। विवि के पास वर्तमान में 2.76 से 3.00 CGPA है, जिसे और बेहतर करने की योजना है।
अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में इस बार विवि के पास कई प्रोजेक्ट हैं, जिससे उच्च ग्रेड मिलने की उम्मीद जताई गई है।
बेहतर ग्रेडिंग क्यों है जरूरी
नैक ग्रेडिंग के आधार पर यूजीसी, आरयूएसए, डीएसटी और आईसीएसएसआर जैसी संस्थाएं अनुदान देती हैं। A, A+ या A++ ग्रेड वाले संस्थानों को सरकारी फंडिंग, कोर्स डिजाइन, और परीक्षा व्यवस्था में अधिक स्वायत्तता मिलती है। इसीलिए विश्वविद्यालय बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तैयारी में जुटा है।
विवि को झेलनी पड़ी थी आलोचना
प्रशासन के अनुसार, ग्रेडिंग में सुधार लाना विवि की प्राथमिकता है। पिछले वर्षों में कमजोर प्रदर्शन के चलते विवि को आलोचना का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार नैक की टीम के सामने विवि खुद को बेहतर रूप में प्रस्तुत करना चाहता है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से पूर्ण सहयोग और प्रतिबद्धता की अपील की है, ताकि मूल्यांकन के दौरान सभी विभाग संगठित, सक्रिय और रिकार्ड संधारित स्थिति में दिखाई दें। विवि प्रशासन ने इस संबंध में कर्मियों और अधिकारियों को मौखिक आदेश दिया है।