छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर एक हिस्ट्रीशीटर और अवैध हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर एक हिस्ट्रीशीटर और अवैध हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर पिस्टल से फायरिंग करते हुए रील बनाई थी, जो वायरल होने के बाद पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भोपाल के हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 पिस्टल, 4 मैगजीन, 20 राउंड जिंदा कारतूस और 1100 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने बड़वानी के हथियार बनाने वाले कारखाने वाले में दबिश दी।

 

जो जंगल के बीचों बीच है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सरगना फरार हो गया। हालांकि, जांच में सामने आया है कि बड़वानी से छत्तीसगढ़ सहित देश के अलग-अलग राज्यों तक हथियारों के सप्लाई होते हैं। इस पूरे कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की थी।पढ़िए कार्रवाई की पूरी कहानी

 

दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि जरहाभाठा मिनी बस्ती निवासी आदतन बदमाश स्वराज कुर्रे (20) नशे का कारोबार करने के साथ-साथ अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री में भी शामिल है।

 

आरोपी ने अवैध पिस्टल से फायरिंग करते हुए और हथियार बनाने वाले कारखाने में ट्रायल करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने उसे अरेस्ट किया।

 

आरोपी ने पूछताछ में भोपाल के सप्लायर धीरेंद्र सिंह तोमर (37) का नाम बताया। पुलिस अवैधपुरी स्थित आईडियल सिटी से सप्लायर को पकड़कर पूछताछ की। तस्कर ने बताया कि उसने स्वराज को 4 पिस्टल दिया था।

 

पहले भी जब्त हो चुके थे हथियार

 

पुलिस के मुताबिक, दो साल पहले डकैती के मामले में स्वराज और उसके साथियों से तीन पिस्टल जब्त की गई थीं। वहीं चौथी पिस्टल 30 जनवरी को स्वराज की स्कूटी से बरामद की गई। इस तरह पुलिस ने स्वराज से सप्लाई की गई चारों पिस्टल बरामद कर ली है। साथ ही प्रतिबंधित नशीली टेबलेट भी जब्त की गई है। बड़वानी गैंग बना रहा था ऑटोमैटिक हथियार

 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश का बड़वानी जिला पूरे देश में अवैध ऑटोमैटिक हथियार निर्माण के लिए कुख्यात है। यहां कई लोग इस अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि पुलिस से कथित सेटिंग के कारण कई बार आरोपी बच निकलते हैं और दबिश के दौरान डमी हथियार दिखाकर बच जाते हैं।

 

घने जंगल में हथियार कारखाना, सरगना फरार

 

धीरेंद्र से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम बड़वानी पहुंची। जंगल के भीतर करीब 20 किलोमीटर अंदर अवैध हथियार निर्माण का कारखाना मिला, जहां छोटे-छोटे पिस्टल बनाए जा रहे थे। हालांकि, मौके पर कोई मौजूद नहीं था। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और सरगना की पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला।