
पीड़िता युवती अंबिकापुर की रहने वाली है। 7 फरवरी को उसने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई कि, बिलासपुर के सत्यम चौक स्थित आइवरी स्पा सेंटर में 2 महिलाएं स्पा सेंटर का संचानल करती है। पूजा डेकाल संचालक और नीरू तमंग मैनेजर है। दोनों नेपाल मूल की रहने वाली है, लेकिन आधार कार्ड यहां का बनवाकर रह रही है।
पीड़ित युवती दोनों महिलाओं के संपर्क में आई। जिसके बाद उसे अच्छी कमाई और नौकरी का लालच दिया गया। इसके बाद उसे बिलासपुर बुलाकर आइवरी स्पा सेंटर में काम पर रखा गया।
युवती का कहना है कि शुरुआत में उससे सामान्य काम कराया गया। मसाज, थैरेपी, फेसियल जैसी सर्विस के लिए बात हुई थी। लेकिन कुछ समय बाद ग्राहकों को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया जाने लगा। इनकार करने पर 6 महीने की सैलरी भी रोक दी गई। जिससे वह आर्थित परेशानी में आ गई। ग्राहकों से 2 से 3 हजार वसूले जाते थे
पुलिस जांच में सामने आया है कि, स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों से 2 हजार से 3 हजार रुपए तक लिए जाते थे। युवती को इसमें से 1 हजार से 1500 रुपए देने की बात कही जाती थी, लेकिन कई बार वह पैसा भी नहीं दिया जाता था। पीड़िता के मुताबिक, संचालिका और मैनेजर ही अधिकतर रकम रख लेते थे।
नौकरी का झांसा देकर कराया जाने लगा गलत काम
युवती का कहना है कि उसे नौकरी का लालच देकर उसे जबरन देह व्यापार में धकलने की कोशिश की गई। जब उसने विरोध किया तो उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया और पैसों का दबाव बनाया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 143(1)(2), 296, 351(3), 3(5) बीएनएस, अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3(5) के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।