
आग लगने के बाद पेट्रोल टंकी फटने से अफरा-तफरी मच गई। कुछ राहगीरों की नजर जलती हुई बाइक और उसके पास सो रहे चालक पर पड़ी। उन्होंने तुरंत मनीराम यादव को जलती बाइक से दूर हटाया। कुछ ही देर में बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। परिजनों को दी गई सूचना
सूचना मिलने पर चालक के परिजनों को बुलाया गया। नशे में बेसुध मनीराम यादव को किसी तरह घर पहुंचाया गया। यदि राहगीरों ने समय रहते चालक को नहीं हटाया होता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
दमकल विभाग को नहीं दी सूचना
घटनास्थल पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई थी। बाइक धू-धू कर जलती रही, लेकिन किसी ने भी दमकल विभाग को सूचना नहीं दी। कुछ लोगों का मानना है कि नशे में धुत चालक के पास सोए होने का फायदा उठाकर किसी असामाजिक तत्व ने आग लगाई होगी।