छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पत्नी ने पति को मार डाला। वह शराब के नशे में आए दिन विवाद और मारपीट करता था। जिससे गुस्साए पत्नी पहले कुल्हाड़ी से सिर और चेहरे पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पत्नी ने छाती पर बैठकर गला दबाया, जब तक की पत्नी की जान नहीं चली गई। वारदात के समय घर में दो नाबालिग बेटियां मौजूद थी। उन्होंने हत्या होते देखा। बाद में शव को कमरे में चादर से ढंककर रखा गया।
फिर शव को ठिकाने लगाने की प्लानिंग की। मां और बेटियों ने पड़ोस में रहने वाले नाबालिग लड़के की मदद ली और लाश को लकड़ी के बल्ली से बांधकर जंगल ले गए। जहां पेट्रोल डालकर शव को जला दिया गया।
मामला सिटी कोतवाली जशपुर थाना क्षेत्र का है। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस मंगलवार को 3 नालाबिग समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी को जेल भेजा गया है। जबकि नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। अब पढ़िए सिलसिलेवार हत्या की पूरी कहानी
दरअसल, 18 अक्टूबर 2025 को सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम पुरना नगर के तुरीटोंगरी जंगल में एक अधजला शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव गड्ढे में जला हुआ मिला। चेहरा समेत शरीर का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।
शव का पंचनामा करने के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लगने पर पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में मौत का कारण हत्यात्मक पाए जाने के बाद बीएनएस की धारा 103(1) और 238(क) के तहत केस दर्ज किया गया।
शव अज्ञात था और शरीर आधे से अधिक जला हुआ था, इसलिए पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस ने शव की फोटो आसपास के थाना-चौकियों में भेजी और गुमशुदा लोगों की जानकारी जुटाई। मुखबिर तंत्र और तकनीकी टीम की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। दिसंबर में परिजनों ने जताया शक
दिसंबर 2025 में महावीर राम भगत के भाई ने थाने पहुंचकर संदेह जताया। उसने बताया कि महावीर राम भगत दिवाली के समय से लापता था। पत्नी सुमित्रा भगत ने पति के गायब होने की कोई तलाश नहीं की। परिजनों के कहने पर पत्नी ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पति-पत्नी के रिश्ते थे तनावपूर्ण
जांच में सामने आया कि महावीर राम भगत और पत्नी सुमित्रा भगत के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती थी। इसी कारण पत्नी अपने बच्चों के साथ जशपुर में अलग रह रही थी। जांच में यह भी पता चला कि 18 अक्टूबर 2025 को महावीर राम भगत आखिरी बार पत्नी के घर आया था।
DNA टेस्ट से हुआ खुलासा
पुलिस ने तुरीटोंगरी में मिले शव के सैंपल और महावीर राम भगत के बच्चों के सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई। रिपोर्ट में सैंपल मैच होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि अधजली लाश महावीर राम भगत की ही थी। पुलिस को यह भी पता चला कि हत्या के बाद पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर शव जलाया गया। शक गहराने पर पुलिस ने सुमित्रा को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्तीसे पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपिया ने कबूला जुर्म, बताया पूरा घटनाक्रम
पत्नी सुमित्रा भगत ने बताया कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था और जान से मारने धमकी देता था। 18 अक्टूबर को सुबह करीब 8 बजे पति स्कूटी से उसके घर पहुंचा था। उसके हाथ में कुल्हाड़ी था। लगा कि मारने आया है।
इसी दौरान विवाद हुआ और आवेश में आकर पत्नी ने कुल्हाड़ी छीनकर पति के सिर और चेहरे पर वार कर दिया। पति जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसने पति की छाती पर बैठकर गला दबाया और तब तक दबाए रखा जब तक मौत नहीं हो गई।