दुर्ग जिले के महिला थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह की दुर्ग बस स्टैंड परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे 15 दिन की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। जो कि मूल रूप से बालाघाट के रहने वाले थे। प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह (61) हाल ही में 15 दिनों की छुट्टी पर अपने गृह ग्राम गए थे। अवकाश खत्म होने के बाद वे अपनी बेटी के साथ बस से दुर्ग पहुंचे थे, जहां उन्हें महिला थाना में ड्यूटी जॉइन करनी थी।
जानकारी के अनुसार, दुर्ग बस स्टैंड में बस से उतरते समय उनका पैर फिसल गया और वे जमीन पर गिर पड़े। गिरने से उनकी आंख के ऊपर गंभीर चोट आई। उनकी बेटी और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। हार्ट अटैक से डॉक्टरों ने किया इनकार
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद प्रधान आरक्षक त्रिलोक सिंह को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर गिरने से लगी चोट को मौत की वजह माना जा रहा है। हालांकि, चिकित्सकों ने दिल का दौरा पड़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।