
उन्होंने बताया कि रायगढ़ के करीब 6 व्यापारियों से भी लेन-देन हुआ, लेकिन उन्होंने करीब डेढ़ करोड़ उधार में लिए हुए साड़ियों का लेनदेन को रोक दिया और अब देने में आनकानी कर रहे हैं।
कई बार कहने के बाद भी रुपये नहीं दिया। जिससे वह परेशान था और इसके लिए वह थाना भी गया, लेकिन पुलिस ने समाज के लोगों के साथ व्यापारिक मामला कहकर आवेदन भी नहीं लिया और न ही एफआईआर दर्ज किया। घर की पूंजी और बैंक से लोन लेकर व्यापार किया
मनोज देवांगन ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ माह पहले जब उसे पिता को हार्ट-अटैक आया, तब भी उसने उन व्यापारियों से ईलाज के लिए रुपये मांगे, लेकिन उन्होंने देने से इंकार कर दिया।
मनोज देवांगन ने बताया कि उसने व्यापार घर के पूंजी है और बैंक से लोन लेकर किया है। मनोज ने बताया कि वकील के माध्यम से 2-3 व्यापरियों को कानूनी नोटिस भी दिया, लेकिन उन्होंने नोटिस लेने से इंकार कर दिया। रात में सपने में मां काली आई
इतनी बड़ी रकम फंस जाने से वह मानसिक व आर्थिक रूप से काफी परेशान हो गया है। उधारी की रकम वापसी के लिए उसने मां काली से उम्मीद जताई है।
मनोज देवांगन मां काली के दरबार में गया। उसने बताया कि वह माता से मनोकामना मांगने लगा। तब रात में उसके सपने में मां काली आई और मनोकामना पूरी करने देने की बात कही।
देनदारों की फोटो ट्रॉली में लगाई
इसके बाद उसने माता के बताए अनुसार अलग अलग स्थानों से देवी का कर नापने का संकल्प लेकर दंडवत यात्रा के लिए निकलने लगा।
मनोज देवांगन ने बताया कि मंगलवार को 16 नंबर का कर नाप रहा है। मनोज देवांगन ने एक ट्रॉली में मां काली का दरबार सजाया है, जिसमें देनदारों की फोटो भी लगाई है। पुलिस अधीक्षक को देंगे आवेदन
ट्राली के साथ कर नापते हुए वह अलग-अलग स्थानों पर जा रहा है और दण्डवत् प्रणाम कर माता से उधार दिए गए कपड़ों की रकम दिलवाने की गुहार लगा रहा है।
उसका कहना है कि पुलिस अधीक्षक के पास भी अपने पिता के साथ जाएंगे और आवेदन देंगे। ताकि जल्द ही उनका बकाया लेनदेन वापस मिल सके।