
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में निगम प्रशासन ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने बताया कि बेलिंग मशीन को सभी मणिकंदन केंद्रों में स्थापित किया जाना है, ताकि कचरे को एक गट्ठे के रूप में रखा जा सके।
इस मशीन की खरीद के लिए पांच बार टेंडर जारी किए गए, जिसमें भ्रष्टाचार की योजना बनाई जा रही थी। एक ही ठेकेदार का टेंडर खोला गया
सोनकर के अनुसार, पांचवीं बार के टेंडर में 20 ठेकेदारों ने भाग लिया, लेकिन केवल एक ही ठेकेदार का टेंडर खोला गया। जिस ठेकेदार को काम दिया गया, उसने जेम पोर्टल के नियमों का उल्लंघन करते हुए सिंगल सिलेंडर और 7.5 एचपी की मशीन सप्लाई की।
जबकि नियमानुसार डबल सिलेंडर और 10 एचपी की मशीन होनी चाहिए थी। उन्होंने निगम पर ठेकेदार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। यह मामला आयुक्त के संज्ञान में भी लाया गया था और एक समिति भी बनाई गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शन जारी रहेगा
उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने कहा कि जब तक इस मामले में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। नियमों के अनुरूप होने पर ही स्वीकार होगी बेलिंग मशीन
वहीं, नगर निगम के पीडब्ल्यूडी सभापति विजय मोटवानी ने कहा कि बेलिंग मशीन को तभी स्वीकार किया जाएगा, जब वह सभी नियम और शर्तों को पूरा करेगी। यदि मशीन नियमों के अनुरूप नहीं होगी, तो उसे वापस कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अब भारतीय जनता पार्टी की सुशासन वाली सरकार है, इसलिए सभी कार्य नियम और शर्तों के अनुसार ही होंगे, जैसा पहले होता था, वैसा नहीं चलेगा।