छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की निवासी 34 वर्षीय महिला की रैबीज फैलने से इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मौत हो गई। महिला को डेढ़ माह पूर्व पागल कुत्ते ने काट लिया था। घरवाले उसका जड़ी बूटी से इलाज करा रहे थे। घाव भरने के बाद परिजन बेफिक्र हो गए थे। 16 मार्च को महिला की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। दो दिनों में रैबीज फैलने से यह दूसरी और डेढ़ माह में तीसरी मौत है।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के शंरकगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गम्हारडीह निवासी महिला कमिला (34 वर्ष) को पागल कुत्ते ने काट लिया था। वह अपने पति बदेश्वर के साथ लकड़ी लेने जंगल की ओर गई थी, जहां उसपर कुत्ते ने हमला कर दिया था।
परिजनों ने कमिला का जड़ी बूटी से इलाज कराया। कमिला को एंटी रैबीज इंजेक्शान नहीं लगवाया गया। उसका घाव ठीक हो गया तो परिजन बेफिक्र हो गए। डेढ़ माह बाद बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत
कमिला की तबीयत 16 मार्च को बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान बुधवार सुबह 10.30 बजे कमिला की मौत हो गई।
चिकित्सकों ने उसकी मौत रैबीज फैलने से होने की पुष्टि की है। कमिला की मौत से परिजन सदमे में हैं। दो दिन पूर्व ही बलरामपुर जिले के ग्राम महाराजगंज निवासी रामजीत राम (35 वर्ष) की रैबीज फैलने से मौत हो गई थी। उसे नवंबर 2025 में कुत्ते ने काट लिया था। खुद का इलाज वह जड़ी-बूटी से कराते रहे।
रामजीत राम ने एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाया था। हालत बिगड़ने पर रविवार के उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।
डेढ़ माह पूर्व सरगुजा के दरिमा थाना क्षेत्र निवासी युवक की भी रैबीज फैलने से मौत हो गई थी, हालांकि उसे रैबीज के तीन डोज लग चुके थे।कई माह बाद भी दिख सकते हैं लक्षण
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. सीके मिश्रा ने कहा कि रैबीज संक्रमित कुत्ते या अन्य जानवर के काटने से रैबीज फैलता है। यदि एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगाया गया तो कई माह बाद भी रैबीज के लक्षण दिख सकते हैं। एक बार रैबीज के लक्षण आने के बाद उपचार संभव नहीं है और पीड़ित की मौत तय है।
डा. मिश्रा ने कहा कि सरगुजा संभाग में पागल कुत्ते के काटने के बाद जड़ी बूटी से इलाज कराने की परंपरा है, जो जानलेवा है। रैबीज पीड़ित दो लोगों की मौत दो दिनों में हो गई है। इनमें यही हुआ है।