
दरअसल, पीड़िता की मां ने 9 जुलाई 2025 को महिला थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी है। 8 जुलाई की रात करीब 10 बजे गांव में रहने वाला 23 वर्षीय चैतराम पाव शराब के नशे में उनके घर पहुंचा। वह नशे में लड़खड़ा रहा था।
इसे देखकर पीड़िता की मां ने अपनी बेटी से कहा कि वह चैतराम को उसके घर तक छोड़ आए। कुछ देर बाद पीड़िता रोते हुए घर लौटी और अपनी मां को बताया कि रास्ते में निर्माणाधीन पानी टंकी के पास पहुंचने पर चैतराम पाव ने उसे जबरदस्ती पास की झोपड़ी में ले गया और उसके साथ गंदी हरकत करने लगा।
विरोध किया, धक्का देकर घर की ओर भागी
घटना के दौरान नाबालिग ने आरोपी का विरोध किया और उसे धक्का देकर किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंच गई। इसके बाद पीड़िता की मां ने महिला थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपी को सुनाई गई सजा
प्रकरण में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने आरोपी को 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 6 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।