कुरुभाँठा मे चैतरी जात्रा का आयोजन,चार गाँव के सैकडो़ लोग शामिल

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पूरन मेश्राम/मैनपुर।

विकासखंड मुख्यालय मैनपुर के ग्राम पंचायत जांँगड़ा के आश्रित ग्राम बरगाँव के पारा कुरूभाँठा मे इस वर्ष भी आज 31 मार्च मंगलवार को देव स्थान,आँखर गुड़ी मे तीन गांँव पारा कुरुभाँठा,बरगांँव, डुमरपड़ाव,जांगड़ा के सैकडो़ ग्रामीण जन शामिल होकर चैतरी जात्रा मनाया गया।जिसमे समस्त गांँव के पुजारी,माटीझांँकर,सिरहा,

बैगा,ग्राम पटेल,सरपंच सियान,पंच एवं गांँव वालों के साथ मिल जुल कर सामूहिक चंदा करके , सार्वजनिक रूप से सेवा पूजा किया गया।

प्रेस विज्ञप्ति में सामाजिक मुखिया एवं आदिवासी चिंतक टीकम नागवंशी ने बताया कि हमारे मूल निवासियों के महत्वपूर्ण चैतरी जात्रा प्रति वर्ष चैत्र महीना मे मनाया जाता है। इस जात्रा को प्रकृति शक्ति के रुप जाना जाता है।

गण्डो दीप धरती माता के गोद में जितने भी पेड़ पौधा वनस्पति विद्यमान है।

जो साल में एक बार वृक्ष के पत्ते झड़ जाने के बाद नया रूप धारण करती है।और धरती माता के गोद मे कंद मूल,फल अंकुर देने चालू हो जाते हैं।चैतरी एवं माटी जात्रा प्रकृति शक्ति, सृष्टि शक्ति को आधार मानकर सेवा जोहार किया जाता है।यह करोड़ों वर्ष पहले का नियम है।यह नियम निति हमारे पूर्वजों पुरखो 18 गुरुओं के साथ साथ 4,84 88, शंभू मूला राजा रानी के शासन काल मे यह प्रकृति शक्ति के अनुसार नियम कानून बनाया गया है।यह जात्रा यहाँ के मूल निवासी अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति पिछड़ा वर्ग समुदाय के साथ मिल जुल कर सामोहिक चंदा करके देवीय शक्ति का पूजा पाठ किया जाता है। देवी को प्रथम अर्पण करने का विधान है। पुजाई प्रथा मे मुर्गी,मुर्गा,बकरा,बकरी,मेढ़ा मेड़ी,परेवा,कबूतर,सूअर के साथ साथ चावल,महुआ फुल,खीर जोखा,बेल पत्ती,तेल दिया एवं अन्य समान के साथ गांव के पुजारी, माटी झांँकर, सिरहा, बैगा, पटेल सियान, पंच, सरपंच गांव वाले मिल कर बाजा गाजे के साथ धूमधाम से सेवा अर्जी पूजा पाठ करने का विधान वर्षों से चली आ रही है।

जिसका निर्वहन हम सब कोई मिलकर करते हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से छबीलाल नेताम माटी झांँकर,रमेश नेताम पुजारी, गणेश नेताम सुवारी,हुलार नेताम सुवारी, टीकम नागवंशी समाज प्रमुख,राजकुमार नागेश पटेल,अरविंद नेताम सरपंच जांगड़ा,भानू सिन्हा उपसरपंच,डोमार नागेश पंच,दुबेराम पंच,धनसिह, पंच, फुलचंद, नायक,कवलसिंह ठाकुर,बासुदेव नागवंशी, नन्हे सिंह नेताम,मधुसिंह नेताम,ज़ुगेशवरनेताम,गौतम नागेश,लक्ष्मण सोरी,डोमार नागवंशी,केशर नेताम, जयराम सिरहा,गनेश नागेश के अलावा सैकड़ो सगा समाज शामिल रहे।