
पूरन मेश्राम/मैनपुर।
मैनपुर क्षेत्र के ओड़िसा सीमावर्ती क्षेत्रो में नक्सलियों ने जिस प्रकार से अपनी पैठ बनाकर दूसरे राज्यों तक पहुंँच बनाने जो रास्ता अख्तियार किया था उसे एक साल के भीतर जवानों ने कैसे आजाद किया कैसे क्षेत्र मे बनाये गये मजबूत नक्सलियों के रेड कॉरिडोर को पूरी तरह जवानों ने उखाड़ फेंका छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा लगभग नक्सल मुक्त हो चुके हैं।रेड कॉरिडोर में 6000 सशस्त्र नक्सलियों में सिर्फ कुछ ही शेष बचे हैं. एक साल में नक्सलियों के बड़ी संख्या में सेंट्रल कमेटी मेंबर या तो मारे गए या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया गरियाबंद पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी रिपोर्ट जारी की है जिसमें पुलिस जवानो के शौर्य एवं साहसिक ऑपरेशन से नक्सलियों द्वारा जमे जुमाये ठिकानो को नेस्तोनाबूत किया है। आज गरियाबंद पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों के नक्सल विरोधी अभियानों का एक ऐसा विस्तृत विवरण सामने रखा है जो इलाके में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी और नक्सलियों के ढहते किले की कहानी बयां करता है। पुलिस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि अबूझमाड़ से लेकर गरियाबंद के घने जंगलों तक अब लाल आतंक की जड़ें हिल चुकी हैं। दशकों से गरियाबंद के पहाड़ों और जंगलों में छिपे नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ने जो चक्रव्यूह रचा था, उसका असर अब धरातल पर दिखने लगा है। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 से लेकर अब तकं (19 जनवरी 2026) कुल 36 सक्रिय नक्सलियों ने बंदूक का साथ छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। यह आत्मसमर्पण नक्सलियों के टूटते मनोबल का सबसे बड़ा सबूत है। जंगलों में हुई आमने-सामने की मुठभेड़ों में अब तक 35 दुर्दात नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है। सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति ने नक्सलियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने केवल नक्सलियों को ही नहीं मारा, बल्कि उनके सबसे बड़े हाथ-पैर यानी हथियारों पर भी चोट की है। अब तक कुल 74 हथियार जब्त किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें केवल पुराने कट्टे नहीं, बल्कि कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार भी शामिल हैं, जिन्हें देखकर सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने का वादा किया था लेकिन 31 मार्च से पहले सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, आंध्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश में मौजूद नक्सलियों का रेड कॉरिडोर भी समाप्त हो चुका है। गरियाबंद जिले के अंतर्गत कौन-कौन सेंट्रल कमेटी मेंबर मारे गए?
सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी मेंबर जयराम उर्फ चलपति को मैनपुर क्षेत्र के भालूडिग्गी मटाल पहाड़ी क्षेत्र मे किया था ढेर जो रही बडी सफलता 19 जनवरी 2025 को रेड कॉरिडोर के लिए नक्सलियों द्वारा तैयार किये जा रहे अबूझमाड़ जैसा ताराझर भालूडिग्गी मटाल पहाड़ी क्षेत्र में सीसी मेंबर का मारा जाना नक्सली ऑपरेशन के इतिहास में पहली घटना है। सुरक्षा बलो ने नक्सलियों के मांद मे घुसकर करोड़ो रूपए के ईनामी नक्सली सीसी मेंबर जयराम उर्फ चलपती को ढेर किया जो सबसे बड़ी उपलब्धि रहा है।