
दरअसल, महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले लेबर ठेकेदार भुवनेश्वर राय और सुरेंद्र राय नवंबर 2025 में बिलासपुर आया था। उसने पचपेड़ी थाना क्षेत्र के सुकुलकारी निवासी संतोष महिलांगे, उसकी पत्नी, रिश्तेदार कलाबाई भार्गव सहित परिवार के सदस्य और रिश्तेदारों को काम दिलाने का दावा किया।
इस दौरान उन्हें एडवांस में पैसे दिए। साथ ही उन्हें लेकर पुणे के चांदे गांव ले गया। जहां, उनसे मजदूरी कराने लगे।
प्रेग्नेंट महिला का इलाज कराने नहीं दिए पैसे
संतोष के दामाद दिलकुमार भार्गव ने बताया कि, उसकी सास प्रेग्नेंट है, जिसका इलाज कराने के लिए पैसों की जरूरत थी। उन्होंने लेबर ठेकेदार से पैसे की मांग की, जिस पर वो गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जमकर मारपीट की, जिससे परिवार के कई लोगों का सिर फट गया।