
घर के अंदर चीखें गूंज रही थीं। मां सावित्री बाई दरवाजे के पास खड़ी रो-रोकर हाथ जोड़ रही, लेकिन सामने खड़ा जितेंद्र उर्फ जीतू ट्रिगर दबाता गया। कुछ ही सेकेंड में घर खून से भर गया और खिलेश्वरी की दोनों छोटी बहनें हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
रायपुर के मोवा बाजार इलाके में मंगलवार (5 मई) रात पारिवारिक विवाद खूनी वारदात में बदल गया। बच्ची से मिलने और वीडियो कॉल कराने को लेकर हुए विवाद में बाउंसर जीतेंद्र वर्मा ने अपनी दो सालियों गीतांजलि वर्मा और दुर्गेश्वरी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें दोनों की मौत हो गई।
घटना के समय दोनों की मां सावित्री बाई भी घर में मौजूद थीं। उनका आरोप है कि दामाद ने उनकी आंखों के सामने दोनों बेटियों को मार डाला। वहीं आरोपी की पत्नी और मृतक बहनों की बड़ी बहन खिलेश्वरी ने पति पर मारपीट, शराबखोरी और बहनों के साथ छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घर की दीवारों पर पहले भी गोली चला चुका था आरोपी
डबल मर्डर के बाद आरोपी की पत्नी खिलेश्वरी ने जो कहानी सुनाई, उसमें डर, गुस्सा और सालों से दबा हुआ दर्द है। खिलेश्वरी ने बताया कि उसकी शादी साल 2020 में जितेंद्र से हुई थी। शादी के बाद दोनों मोवा इलाके में उसकी मां के घर के पास किराए के मकान में रहने लगे।
शुरुआती 3 साल सबकुछ ठीक रहा, लेकिन नौकरी छूटने के बाद जितेंद्र पूरी तरह बदल गया। वो शराब पीने लगा। छोटी-छोटी बात पर मारपीट करता था। मेरे कैरेक्टर पर शक करता था, जबकि वो खुद गलत था। खिलेश्वरी के मुताबिक, आरोपी सिर्फ हिंसक नहीं था, उसकी नीयत भी खराब थी।