
इन्होंने गैस से भरे 6 बड़े कैप्सूल (टैंकर) को सीधे अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को सौंप दिया। बाजार में इस गैस की कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए से अधिक आंकी जा रही है।
ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक फरार
पुलिस को इस पूरे खेल में अभनपुर के ठाकुर पेट्रोकेमिकल के संचालकों की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं। हालांकि, पुलिस की दबिश से पहले ही फर्म के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार हो गए हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। अब जानिए पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा थाना पुलिस ने 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। थाने में किसी भी हादसे के खतरा देखते हुए, इन ट्रकों को सुरक्षित जगह पर रखने के लिए महासमुंद पुलिस ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजा।
इसके बाद कलेक्टर ने खाद्य विभाग को ट्रकों को सुरक्षित जगह पर रखने के निर्देश दिए। इसी आदेश के तहत 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की टीम ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर से संपर्क किया और 6 कैप्सूल ट्रक सुरक्षित रखने के लिए कहा।
खाद्य निरीक्षक अविनाश दुबे, खाद्य अधिकारी हरिश सोनेश्वरी और मनीष यादव की मौजूदगी में संतोष ठाकुर को ये 6 कैप्सूल ट्रक सुरक्षित रखने के लिए सौंप दिए। संतोष अपने स्टाफ की मदद से सभी गाड़ियां सिंघोड़ा थाना से रायपुर के अभनपुर के ग्राम उरला स्थित अपने प्लांट ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स ले गया।