
सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) एस.एन. मिश्रा को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने एएसआई मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया गया है। यह मामला ग्राम बालपुर निवासी शिवप्रसाद बरेठ के खिलाफ सरस्वती जायसवाल की तरफ से दर्ज कराई गई मारपीट और गाली-गलौज की शिकायत से जुड़ा है। चंद्रपुर थाना में अपराध क्रमांक 47/26 के तहत धारा 296, 351(3), 115(2) और 191(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। इस प्रकरण की जांच एएसआई एस.एन. मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि एएसआई मिश्रा ने शिवप्रसाद बरेठ को मामले में कड़ी कार्रवाई से बचाने के लिए 40 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। प्रार्थी ने इसकी शिकायत एसीबी बिलासपुर से की। एसीबी के सत्यापन में पता चला कि एएसआई मिश्रा पहले ही 20 हजार रुपये की पहली किश्त ले चुके थे और बाकी 20 हजार रुपए लेना बाकी था।
इसके बाद एसीबी बिलासपुर ने एक ट्रैप योजना बनाई। 10 मई को प्रार्थी ने एएसआई मिश्रा को चंद्रपुर स्थित गुड्डू ढाबा में बाकी 20 हजार रुपए देने के लिए बुलाया। जैसे ही एएसआई मिश्रा ने रिश्वत की दूसरी किश्त ली, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, आरोपी एस.एन. मिश्रा के खिलाफ लगातार रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अब एसपी ने किया निलंबित
इस मामले के सामने आने के बाद सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई को निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।