
मामले में भाजपा नेताओं की शिकायत पर सरगुजा डीईओ ने टीचर सुरेश कुमार जायसवाल को स्कूल से हटाते हुए उदयपुर बीईओ कार्यालय में अटैच कर दिया था। इसके बाद डीईओ ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की। जांच टीम में बीईओ बतौली शरद चंद्र मेशपाल, सीतापुर बीईओ और सेदम हाई स्कूल के प्राचार्य शामिल थे।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति सुरेश कुमार जायसवाल ही है। साथ ही जंगल किनारे मिला वाहन भी उन्हीं का पाया गया, जब जांच टीम ने टीचर से बयान लिया तो वह यह स्पष्ट नहीं बता सका कि वह देर रात छात्रा के साथ जंगल में क्यों था।
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि इस घटना से विद्यालय की गरिमा को गहरा आघात पहुंचा है और शिक्षा विभाग की छवि भी धूमिल हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने टीचर सुरेश कुमार जायसवाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर डीईओ ने उनकी संविदा नियुक्ति समाप्त कर दी।