
इससे रोजाना लगभग 17 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आम यात्रियों को सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डीजल के दाम बढ़ने के बाद भी किराया नहीं बढ़ाया गया। इससे सोसायटी पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में सिटी बसें कोटा, तखतपुर, लमेर, बिल्हा, सीपत और बेलतरा रूट पर संचालित हो रही हैं। रेलवे स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक का किराया 40 से 50 रुपए निर्धारित है। बेलतरा के लिए 55 रुपए, रतनपुर के लिए 40 रुपए, गढ़वट और तखतपुर के लिए 50 रुपए, जबकि घुटकू, लमेर और कोटा के लिए 40 रुपए किराया तय किया गया है।
शहर के भीतर मंदिर चौक, पुराना बस स्टैंड और अग्रसेन चौक तक 10 रुपए, जबकि नेहरू चौक तक 15 रुपए किराया लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत कोनी में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) से अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है। निगम का पंप ड्राय, कई बसें खड़ी रहीं
मंगलवार को नगर निगम का पेट्रोल पंप डीजल खत्म होने से ड्राय हो गया, जिसका सीधा असर सिटी बस सेवा पर पड़ा। सुबह कोटा रूट की पहली बस समय पर नहीं निकल सकी। कई बसों में निजी पेट्रोल पंप से डीजल भरवाकर संचालन किया गया, जबकि कम यात्रियों वाले रूट की बसों को रोक दिया गया।
10 बसों के संचालन का दावा
नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार ने बताया कि तकनीकी कारणों से मंगलवार को कुछ समय के लिए नगर निगम के पेट्रोल पंप से डीजल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। हालांकि निगम की अनिवार्य सेवाओं की गाड़ियों समेत 13 में से 10 सिटी बसों को डीजल उपलब्ध कराया गया। शाम को डीजल पहुंचने के बाद आपूर्ति सामान्य हो गई।
सोसायटी की बैठक में होगा फैसला
अनुपम तिवारी ने कहा कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण सिटी बस संचालन में परेशानी बढ़ रही है। किराया बढ़ाने या अन्य विकल्पों पर फैसला सोसायटी की बैठक में लिया जाएगा।