
ग्राम सभा सर्वोपरि राजापड़ाव में 10 जून को लगेगा शिलालेख, हमारे आंसू सूख गए,अब खून से लिखेंगे, बिजली के लिए आदिवासियों ने SDM को दिया ज्ञापन, 10 जून को अड़गडी में महा बैठक
पूरन मेश्राम/मैनपुर, विकासखंड मैनपुर के सुदूर वनांचल राजापड़ाव क्षेत्र के हजारों आदिवासी आज भी आजादी के 79 वें साल बाद लालटेन युग में जीने को मजबूर हैं। वैकल्पिक सौर ऊर्जा से उजाला शो फीस बनकर रह गया है। क्षेत्र के 5 ग्राम पंचायतों में आज तक बिजली नहीं पहुंँची है। इसी दर्द को लेकर किसान संघर्ष समिति एवं जय अंबेडकरवादी युवा संगठन ने 8 जून सोमवार SDM मैनपुर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया।
*10 जून को खून से लिखी जाएगी चिट्ठी*
किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दैनिक मंडावी ने बताया कि 29 मई को ग्राम गोना में आयोजित सुशासन तिहार में 17 बुनियादी मांगें रखी गई थीं, पर 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि 10 जून 2026, दिन बुधवार को ग्राम अड़गडी में विशाल महा बैठक आयोजित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम खून से सामूहिक निवेदन पत्र लिखा जाएगा।
संजय नेताम जिला पंचायत सदस्य ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जब भी बिजली की मांँग करते हैं, अधिकारी उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और NTCA की NOC का बहाना बनाते हैं। अधिकारी खुद कहते हैं कि यह काम केवल प्रधानमंत्री ही करवा सकते हैं। इसलिए अब हम सीधे PM को खून से चिट्ठी लिख रहे हैं।
*PESA शिलालेख की होगी स्थापना*
महा बैठक में संविधान की 5वीं अनुसूची एवं PESA अधिनियम 1996 के तहत ग्राम सभा को प्राप्त अधिकारों के प्रचार-प्रसार हेतु ग्राम सभा शिलालेख भी स्थापित किया जाएगा। शिलालेख मे जल-जंगल-जमीन पर ग्राम सभा का अधिकार, लघु वनोपज का स्वामित्व एवं विकास कार्यों में ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति जैसे प्रावधान अंकित होंगे।
*9 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग*
मोतीपानी, मोंगराडीह, रक्शापथरा, गाजीमुडा, नगबेल, घोटियाभर्री, झोलाराव, शुक्लाभाँठा मौहानाला को शासन के निर्देशानुसार वन ग्राम से राजस्व ग्राम में परिवर्तित किये जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। किंतु अत्यंत खेद का विषय है, कि आज भी इन ग्रामों के मूल निवासी किसानों को अपने पुश्तैनी भूमि पर भूमि स्वामी अधिकार प्राप्त नहीं हो सका है।परिणाम स्वरुप किसानों को भूमि संबंधित दस्तावेज ऋण सुविधा शासकीय योजनाओं का लाभ नामांतरण सीमांकन तथा राजस्व संबंधी अधिकारो से वंचित होना पड़ रहा है।
*शांतिपूर्ण होगा महाबैठक*
राजापड़ाव क्षेत्र के प्रमुख मुखिया दीनाचंद मरकाम ने कहा कि SDM मैनपुर को सौंपे गए सूचनार्थ आवेदन में स्पष्ट किया गया है, कि 10 जून का कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बिगाड़ना नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रुप से दैनिक मंडावी किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष, संजय नेताम जिला पंचायत सदस्य, दीनाचंद मरकाम क्षेत्रीय मुखिया,रुपसिंह
मरकाम,रविन्द्र मरकाम विशेष रुप से शामिल रहे।