दुर्ग जिले में सिम्प्लेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह पर जमीन सौदे से जुड़े धोखाधड़ी का आरोप है

Chhattisgarh Crimesदुर्ग जिले में सिम्प्लेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह पर जमीन सौदे से जुड़े धोखाधड़ी का आरोप है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद आज उन्होंने सुपेला थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की और हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें थाने से ही छोड़ दिया। संगीता केतन शाह करीब 4 घंटे सुपेला थाने में रहीं। आरोप है कि उन्होंने ग्राम कोहका की विवादित जमीन को विवाद मुक्त बताकर 50 लाख में सौदा किया। 10 लाख एडवांस भी लिए, लेकिन बाद में रजिस्ट्री करने से मना कर दिया। उसके बाद उसी जमीन पर 4.5 करोड़ का लोन ले लिया।

पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद पति-पत्नी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120B समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। मामला सुपेला थाने क्षेत्र का है। जमीन विवादित निकली, खरीदार से छिपाई जानकारी

पीड़ित सुनील कुमार सोमन के मुताबिक, 13 मार्च 2023 को ग्राम कोहका की जमीन का इकरारनामा (एग्रीमेंट) हुआ था। आरोपी पक्ष ने ग्राम कोहका स्थित करीब 0.10 हेक्टेयर जमीन को पूरी तरह साफ और विवाद मुक्त बताया था।

संगीता शाह के साथ जमीन का सौदा 50 लाख रुपए में तय हुआ था। उन्होंने इसके लिए 10 लाख रुपए एडवांस दिए थे। आरोप है कि बाद में जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। बाद में जांच में पता चला कि, जिस जमीन को बेचा जा रहा था, वह पहले से किराए और लीज विवाद में फंसी हुई थी। आरोप है कि यह जानकारी जानबूझकर खरीदार से छिपाई गई।

कोर्ट के हस्तक्षेफ के बाद FIR हुई

पीड़ित का आरोप है कि, कई महीनों तक शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्हें जिला कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। लंबे समय बाद अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई की गई।

उसी जमीन पर 4.5 करोड़ का लोन लेने का आरोप

शिकायत में यह भी सामने आया कि, उसी जमीन के दस्तावेजों को गिरवी रखकर एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड से करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपए का लोन लिया गया था।

पीड़ित का कहना है कि, यदि जमीन पहले से बैंक में मॉर्गेज थी, तो इसकी जानकारी पहले ही दी जानी चाहिए थी। कोर्ट ने दस्तावेजों की जांच के बाद पहली नजर में धोखाधड़ी का मामला मानते हुए FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने दी थी अग्रिम जमानत

इस मामले में दुर्ग जिला कोर्ट ने संगीता शाह और केतन शाह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट देखे। इसमें शिकायतकर्ता के खाते में 10 लाख रुपए वापस किए जाने का रिकॉर्ड मिला।

बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि यह रकम बैंक के जरिए वापस की गई थी, लेकिन शिकायत और सिविल केस में इसका जिक्र नहीं किया गया। इन तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने संगीता शाह और केतन शाह को अग्रिम जमानत दे दी। साथ ही, अगली सुनवाई तक मामले में आगे की आपराधिक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।

गिरफ्तारी देने पहुंचीं संगीता केतन शाह

अग्रिम जमानत मिलने के बाद 14 सितंबर को संगीता केतन शाह सुपेला थाने पहुंचीं और पुलिस के समक्ष अपनी फॉर्मल गिरफ्तारी दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की। अग्रिम जमानत के तहत जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया। मामले में हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

थाने पहुंची संगीता ने नहीं दिया कोई जवाब

इस पूरे मामले में जब संगीता केतन शाह से पत्रकारों ने सवाल किया और उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने मीडिया से बात करने से मना कर दिया। वहीं संगीता केतन शाह के वकील ने भी कोई जवाब नहीं दिया।

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