राजापड़ाव में 4 अक्टूबर को नवा खाई ठाकुर जोहारनी मिलन समारोह,आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगेगा गोंना

Chhattisgarh Crimes पूरन मेश्राम/मैनपुर। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आदिवासी संस्कृति एवं प्राकृतिक शक्ति के महान आस्था का पर्व पुनांग तिंदाना पण्डुम (नवाखाई) गोंड़ी सांस्कृतिक रीति नीति व परम्परा अनुसार धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जावेगा।गोंडवाना समाज राजापड़ाव क्षेत्र के तत्वाधान में नवा खाई ठाकुर जोहारनी मिलन समारोह का भव्य आयोजन रखा गया है। यह कार्यक्रम रूढ़ी जन्य परम्परा पर आधारित होगा।कार्यक्रम का मुख्यालय गोंना,थाना शोभा,वि.खं. मैनपुर,जिला गरियाबंद में स्थान नयापारा (गोंना) माता गुड़ी प्रांगण में रखा गया है।गोंडवाना समाज राजापड़ाव क्षेत्र के समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने बताया कि नवाखाई पर्व हमारे पुरातन कालीन परम्परा अनुसार नए फसल के आगमन की खुशी में प्रत्येक आदिवासी सगा समाज अपने पेन पुरखा शक्तियों को नए अन्न जल अर्पण करता है। तत्पश्चात परिवार के सभी सदस्य नया अनाज ग्रहण करते हैं और नवीन जीवन हेतु अपने परिवार के सुख समृद्धि के लिए अपने पेन पुरखा, माता पिता को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

तथा एक दूसरे को गले मिलकर बधाई व शुभकामनाएं देते हैं।यह पर्व एकता,भाईचारा और सौहार्द्र का प्रतीक है। इस दिन प्रत्येक व्यक्ति अपने आपसी मतभेद भुलाकर अपने परिवार और समाज के विकास एवं कल्याण के लिए एकजुटता के साथ आगे बढ़ने के लिए कृतसंकल्पित होते हैं।गोंडवाना समाज राजापड़ाव क्षेत्र के समस्त कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से समस्त सगा समाज,झांकर,पटेल, युवा युवति,कर्मचारी प्रकोष्ठ, जनप्रतिनिधि एवं राजापड़ाव क्षेत्र के सभी समाज के सगा जनों को सादर आमंत्रित किया गया है।

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