
बरामद सामान में AK-47, इंसास राइफल, 315 बोर बंदूक, भरमार बंदूक, ग्रेनेड लॉन्चर, कारतूस, डेटोनेटर और अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री शामिल है। पुलिस अब बरामद हथियारों की जांच कर रही है। इनमें से कुछ हथियार पहले सुरक्षाबलों से लूटे गए हथियारों से जुड़े हैं या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
नक्सलियों ने जंगल में छिपाकर रखा था हथियारों का जखीरा: दंतेवाड़ा जिले में DRG और CRPF के जवानों ने 5 अक्टूबर को बारसूर थाना क्षेत्र के ग्राम मंगनार, बुरदुम, तोड़मा और कोकावाकोंडा के जंगल-पहाड़ी इलाके में संयुक्त अभियान चलाया। इसमें जिला बल, DRG, बस्तर फाइटर्स और CAF की संयुक्त टीम शामिल थी। अभियान के दौरान 6 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे कोकावाकोंडा और बुरदुम के बीच जंगल और पहाड़ी इलाके में सर्चिंग की जा रही थी। इसी दौरान जवानों को नक्सलियों के पहले से छिपाकर रखे गए हथियार और अन्य सामग्री के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद इलाके की तलाशी लेने पर हथियार और नक्सली उपयोग की सामग्री बरामद की गई। जवानों ने कुल 21 तरह की सामग्री बरामद की है।
ये हथियार और सामान मिला: AK-47 राइफल – 1 नग इंसास राइफल – 1 नग BGL – 1 नग 315 बोर बंदूक – 1 नग भरमार बंदूक – 6 नग BGL शेल – 9 नग AK-47 मैगजीन – 23 नग BGL राउंड – 5 नग टिफिन बम – 2 नग डेटोनेटर – 8 नग पिस्टल राउंड स्प्रिंग – 24 नग कॉर्डेक्स वायर – करीब 20 मीटर नक्सली झंडे – 2 जोड़ी इंसास मैगजीन – 1 नग इवैपोरेटर – 1 नग 315 राउंड – 138 नग वॉकी-टॉकी सेट – 20 नग तीर बम – 2 नग वायर लगभग (लाल-काला रंग) – 20 मीटर मल्टीमीटर – 1 नग कार इन्वर्टर।
बरामद हथियारों में AK-47 और इंसास जैसी राइफलें शामिल हैं। पुलिस अब इन हथियारों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इनके सीरियल नंबर और अन्य विवरणों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि क्या इनमें से कोई हथियार पहले किसी सुरक्षाबल से लूटा गया था या किसी पुराने मामले से इसका संबंध है। फिलहाल पुलिस ने किसी हथियार के लूट का होने की पुष्टि नहीं की है।
SP ने कहा- लगातार चलाया जा रहा अभियान: दंतेवाड़ा SP चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि, जिले के जंगल और दुर्गम इलाकों में नक्सलियों के पहले से छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य नक्सली उपयोग की सामग्री को बरामद करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत संयुक्त टीम को यह सफलता मिली है। बरामद हथियारों की जांच की जा रही है। इनके किसी पुराने मामले में इस्तेमाल होने या सुरक्षाबलों से लूटे गए हथियार होने की भी जांच की जाएगी।