
राष्ट्रपति ने नुआखाई पर्व को कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक एकता का प्रतीक बताते हुए युवाओं से निरंतर सीखने, चुनौतियों का सामना करने और अपनी सफलता को समाज की प्रगति से जोड़ने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगमन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में नुआखाई पर्व की सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। बूढ़ापारा स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ी में लोगों का अभिवादन कर स्थानीय संस्कृति के प्रति अपना जुड़ाव व्यक्त किया. इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर ‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’ के नारे भी लगाए गए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि नुआखाई मिलन समारोह में उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक समारोह या पर्व नहीं है, बल्कि हमारी परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने, सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और आने वाली पीढ़ियों तक जीवन-मूल्यों को पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। नुआखाई हमारी कृषि परंपराओं को संजोने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने वाला पर्व है। राष्ट्रपति ने कहा कि नई फसल के आगमन पर अन्न देवता को सम्मान देना और परिवार तथा समाज के साथ खुशियां बांटना इस पर्व का मूल भाव है। यह अवसर कृषि और किसानों के योगदान को याद करने का भी मौका है।
राष्ट्रपति ने कृषि परंपरा और किसानों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि अन्न केवल हमारी भूख मिटाने का साधन नहीं है। यह किसान भाई-बहनों के परिश्रम, धरती की उर्वरता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक भी है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। नुआखाई जैसे पर्व हमें याद दिलाते हैं कि हमारी समृद्धि प्रकृति, कृषि और समाज के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी हुई है।
राष्ट्रपति ने युवा प्रबोधन कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा,”आज के युवाओं के सामने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, खेल, कला, कृषि और सामाजिक सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। उन्हें यह विचार करना चाहिए कि वे क्या बनना चाहते हैं और किस रूप में देश तथा समाज की सेवा करना चाहते हैं। लक्ष्य स्पष्ट होने पर उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. आज के युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके प्रयासों से भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। युवाओं को प्रोत्साहित करना, उन्हें अवसर उपलब्ध कराना और उनके व्यक्तित्व का विकास करना समाज के सभी वर्गों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नुआखाई पर्व के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व कृषि, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। नई फसल आने पर उसे सबसे पहले इष्ट देवता को अर्पित करने और उसके बाद ग्रहण करने की परंपरा इस पर्व की मूल भावना को दर्शाती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की परंपराओं, धार्मिक आस्था और सामाजिक जीवन में कई समानताएं हैं। नुआखाई जैसे पर्व इन सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रही है। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने और युवाओं को तकनीकी तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना और कौशल विकास से जुड़ी पहलों पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने, तकनीकी शिक्षा के विस्तार और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, युवाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें राज्य तथा देश के विकास में भागीदार बनाया जा सकता है।
रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में नुआखाई पर्व की सांस्कृतिक परंपरा, किसानों के प्रति सम्मान, रक्तदान के माध्यम से मानव सेवा और युवाओं की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं को निरंतर सीखने, असफलताओं से सबक लेने और अपनी सफलता को समाज की प्रगति से जोड़ने का संदेश दिया। वहीं, राज्यपाल ने सेवा और समर्पण के महत्व को रेखांकित किया तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।