
■ आठ महीने से अटकी है मनरेगा की राशि
जिला सरपंच संघ द्वारा शासन-प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि जिले की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये के कार्य कराए जा चुके हैं, लेकिन मजदूरी और सामग्री की राशि करीब 8 महीने से लंबित है। इसके अलावा मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि जारी नहीं होने से पंचायतों का नियमित संचालन और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मूल्यांकन एवं सत्यापन पूरा होने के बावजूद कई निर्माण कार्यों का भुगतान 5 से 6 महीने से अटका हुआ है। वहीं उपसरपंचों और पंचों का मानदेय भी लंबित है।
■ दीपावली से पहले भुगतान की मांग
सरपंच संघ ने प्रमुख रूप से मनरेगा की लंबित मजदूरी एवं सामग्री राशि तत्काल जारी करने, मूलभूत और 16वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध कराने, पंचायत कर्मचारियों का भुगतान सुनिश्चित करने के साथ उपसरपंचों और पंचों का बकाया मानदेय जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही मूल्यांकन और सत्यापन पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की राशि जारी करने के साथ ही लंबित फाइलों का शीघ्र निराकरण करने की मांग उठाई गई। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
मांगें पूरी नहीं होने पर दी चक्काजाम की चेतावनी
जिला सरपंच संघ ने चेतावनी दी है कि दीपावली से पहले लंबित भुगतान और अन्य मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो संघ आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तैयार करेगा। इसके तहत लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से घेराव और चक्काजाम जैसे आंदोलन किए जाएंगे। संघ ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पंचायत, ग्रामीण विकास मंत्री सहित कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर पंचायतों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है।नीति