
दरअसल, मैनपाट में बीजेपी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। जहां पूरी बीजेपी की सरकार मौजूद है। अमरजीत भगत समेत किसानों का प्रतिनिधि मंडल बुधवार दोपहर को मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचा। लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और थाने में बैठा दिया।
मुख्यमंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपने की सूचना ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के माध्यम से प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी। प्रशिक्षण शिविर के समापन के बाद रायपुर जाने से पहले सीएम को ज्ञापन सौंपा जाना था।
अमरजीत बोले- घोर आपत्तिजनक
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, इन दिनों खेती का काम चल रहा है। लेकिन किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। आलू और टाऊ जैसी फसलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इन फसलों में खाद की पर्याप्त मात्रा आवश्यक होती है।
खाद न मिलने की वजह से किसान खुले बाजार से महंगे दामों में खाद खरीदने को मजबूर हैं। जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यह संकट सिर्फ मैनपाट तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सीतापुर विधानसभा में किसानों की यही हालत है।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर जताई निराशा
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, जनता को जनप्रतिनिधियों को यदि मुख्यमंत्री या मंत्रियों से नहीं मिलने दिया जा रहा है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में यह घोर आपत्तिजनक है।
पुलिस ने युवा कांग्रेसियों को भी पकड़ा था
भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में आने वाले भाजपा नेताओं, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को युवक कांग्रेस ने काले झंडे दिखाने और काले गुब्बारे छोड़कर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। 7 जुलाई को कार्यक्रम के पूर्व ही सभी को पुलिस ने घरों से उठा लिया और थानों में बैठा दिया था। युकांइयों को पुलिस ने अब तक अपने निगरानी में रखा हुआ है।