छत्तीसगढ़ के शहर भी डेनमार्क, जर्मनी और सिंगापुर की तरह बन सकते हैं

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के शहर भी डेनमार्क, जर्मनी और सिंगापुर की तरह बन सकते हैं। सिटी डेवलपमेंट प्लान बनाकर काम किया जा सकता है। देश और विदेश के बड़े शहरों से सीखकर वहां जैसी पॉलिसी अपने शहरों में भी लागू की जा सकती है। यह बात छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कही है।

दरअसल, रायपुर में सोमवार से दो दिन तक स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत की गई है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रदेश के 14 नगर निगम, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत के नेता और अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है। इसे नगर सुराज संगम नाम दिया गया है।

प्रेजेंटेशन देकर नेताओं को समझाया कैसे काम करना है

ट्रेनिंग सेशन के पहले दिन उपमुख्यमंत्री अरुण साव किसी प्रोफेशनल ट्रेनर या कोच की तरह कानों में ईयर पीस लगाकर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन पेश कर रहे थे। उनकी क्लास में स्टूडेंट बने थे सभी शहरों से आए महापौर, सभापति, पार्षद, पालिका और पंचायत प्रमुख। अलग-अलग 50 स्लाइड के जरिए डिप्टी CM ने यह समझाया कि निकायों से जुड़े काम कैसे किए जा सकते हैं, नई तकनीक और नए आइडिया कौन से हैं जिस पर काम करना है।

विदेशों की तकनीक का होगा इस्तेमाल

रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, जगदलपुर, कोरबा और रायगढ़ समेत सभी नगर निगमों में अब नए तरीके से साफ-सफाई के काम होंगे। मंत्री अरुण साव ने सभी नेताओं को बताया कि, कोयंबटूर, चेन्नई, अहमदाबाद, इंदौर, पिंपरी चिंचवाड़ जैसे शहरों गुजरात और तेलंगाना में स्थानीय निकाय इस पर बेहतर काम कर रहे हैं।

साव ने अपने प्रेजेंटेशन के दौरान डेनमार्क, सिंगापुर, जर्मनी और जापान जैसे देशों में कम खर्च में निकायों के काम और रिसाइक्लिंग-रीयूज के लिए वहां हो रही बेस्ट प्रैक्टिस के बारे में बताया।

डेनमार्क में गंदगी से मिल रही सुविधा

इस प्रेजेंटेशन में बताया गया कि, गंदगी भी कैसे काम में लाई जा सकती है। डेनमार्क के शहर कोपेनहेगन में कचरे से बिजली बनाई जा रही है। नगर निगम इस काम को करने की वजह से पूरी दुनिया में चर्चा में आया। वहां कचरे को रिसाइकल कर कई तरह के प्रोडक्ट तैयार किए जा रहे हैं, जाे आम शहरों की सुविधा को बढ़ा रहे हैं।

आपके शहरों से प्रदेश की छवि बनती है

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निकायों के नेताओं से कहा कि, आपके शहर ने आपको भरपूर स्नेह, मान-सम्मान और संस्कार दिया है। आपकी कर्मस्थली, आपके शहर ने आपको बहुत कुछ दिया है। अब शहर को देने की बारी आपकी है। आप लोग अपने-अपने शहरों में अपने कार्यकाल में ऐसा काम करें जो यादगार हो।

आपके शहरों से प्रदेश की छवि बनती है। इस लिहाज से आप लोगों की जिम्मेदारी भी बड़ी है। दो दिन साथ बैठकर हम लोग शहरों के विकास का रोडमैप और प्राथमिकताएं तय करेंगे।

तो अब इन मुद्दों पर होगा शहर सरकार का फोकस

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, शहरों में हरियाली, शहरी परिवहन, स्ट्रीट लाइटिंग, टैक्स वसूली, और सिटी डेव्हलपमेंट प्लान पर बात की गई है। इन पर अब सभी शहरों के निकाय फोकस करेंगे।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि, प्रोग्राम में नगरीय निकायों की आगामी पांच सालों की कार्ययोजना पर भी चर्चा की जा रही है। नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) की योजनाओं, कार्यों और विभिन्न अधिनियमों के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी गई।