
कई 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के फिंगरप्रिंट साफ न होने के कारण बॉयोमेट्रिक eKYC नहीं हो पा रही थी। इस समस्या को देखते हुए शासन ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था लागू की है। जिससे पहचान करना आसान हो गया है।
एप करना होगा डाउनलोड
फेस eKYC के लिए “मेरा eKYC” मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए Google Play Store से Mera eKYC और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में आधार नंबर डालकर मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करना होगा, फिर कैमरे से चेहरे की पहचान कर eKYC पूरी हो जाएगी। ऐप में यह भी देखा जा सकता है कि eKYC पहले से हुई है या नहीं।
अगर मोबाइल से eKYC करना संभव न हो, तो राशनकार्डधारक अपने नजदीकी सरकारी उचित मूल्य दुकान में जाकर अंगूठे या उंगली के निशान से eKYC करा सकते हैं। इस सुविधा से बुजुर्ग और असहाय लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें राशन लेने में परेशानी नहीं होगी। समय पर e-KYC नहीं करवाने के नुकसान?
- आपका राशन कार्ड कैंसिल हो सकता है।
- सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जाएगा।
- आपका नाम लाभार्थियों की लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
- राशन कार्ड फिर से चालू कराने के लिए आवेदन देना होगा।
राशन कार्ड लिस्ट से नाम कट जाए तो क्या करें?
- नजदीकी फूड सप्लाई ऑफिस या राशन की दुकान पर संपर्क करें।
- सही डॉक्यूमेंट्स के साथ राशन कार्ड के लिए फिर से अप्लाई करें।
- डॉक्यूमेंट्स में गड़बड़ी (जैसे मोबाइल नंबर या आधार गलत) को ठीक कराएं।
गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने e-KYC प्रोसेस शुरू की है
बता दें कि, सरकार का मकसद राशन डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस को ट्रांसपेरेंट और भ्रष्टाचार फ्री बनाना है। कई बार देखा गया है कि कुछ लोग फर्जी राशन कार्ड से या एलिजिबल ना होने के बावजूद फ्री राशन का लाभ लेते हैं। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके नाम पर राशन लिया जाता है।
इसी तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने e-KYC प्रोसेस शुरू की है। इस प्रोसेस के तहत राशन कार्ड धारक और उनके परिवार के सदस्यों की पहचान आधार कार्ड से लिंक की जाती है। जिससे यह तय किया जा सके कि सिर्फ वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही फ्री राशन का लाभ मिले।