
उन्होंने कहा कि गांधी कहते थे वैष्णव वही है, जो दूसरों की पीड़ा में दुखी हो। आज स्थिति यह है कि लोगों को दूसरों की पीड़ा में खुशी मिलती है।
पूरी राजनीति नफरत की राजनीति बन चुकी है। जब धर्म और नफरत के नाम पर राजनीति हो रही हो, तब गांधी को बार-बार याद करना चाहिए।
कन्हैया कुमार ने कहा, “मैं भाजपा के लोगों से भी कहना चाहता हूं कि इस देश का इतिहास आपका भी इतिहास है।
भारत का इतिहास हिंसा और असत्य का नहीं, बल्कि सत्य और अहिंसा का इतिहास है। उसी रास्ते पर चलने की जरूरत है।”
नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन पर बयान
31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने के दावे पर कन्हैया कुमार ने कहा कि हिंसा किसी भी रूप में सही नहीं है। चाहे कोई भी करे, हिंसा से मनुष्यता को नुकसान पहुंचता है।
सरकार दावे करे, यह अच्छी बात है, लेकिन हिंसा जितनी जल्दी खत्म हो, उतना बेहतर है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस बंदूक वादी विचारधारा के खिलाफ है।
बांग्लादेशी हिंदुओं को मकान देने के मुद्दे पर तंज
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बांग्लादेशी हिंदुओं को मकान देने के बयान पर कन्हैया कुमार ने कहा कि लोगों को बसने के लिए जगह मिलना खुशी की बात है। लेकिन प्रधानमंत्री ने भी 2022 तक सभी को पक्का मकान देने का वादा किया था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भारत में रह रहे कई हिंदुओं को आज तक पक्का मकान नहीं मिला है। आप भी अच्छे दिनों का इंतजार करिए।”
सरगुजा में कार्यक्रम में होंगे शामिल
कन्हैया कुमार ने कहा कि आज महात्मा गांधी का बलिदान दिवस है। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का यह दिन है।
छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आने का अवसर मिला है और वे सरगुजा में गैर-राजनीतिक संगठनों द्वारा गांधीजी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।