
पुलिस ने दोनों मामलों में 2 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें नकदी, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और सट्टा पट्टी शामिल है।
पहली कार्रवाई 26 नवंबर की शाम थाना नंदिनी नगर पुलिस द्वारा की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अरसनारा श्मशान घाट के पास कुछ लोग “काट पत्ती” जुआ खेल रहे हैं और खुलेआम पैसों की बाजी लगाई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने तत्काल एक टीम गठित कर मौके पर घेराबंदी की।
पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपियों में भगदड़ मच गई, लेकिन जवानों ने मौके से 7 जुआरियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। उनके पास से और जुआ फड़ से कुल 17,020 रुपये नकद, 10 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिल बरामद की गईं। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 1,73,020 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शेष नारायण (26), बंशी लाल (59), प्रदीप कुमार मैत्रे (19), प्रवीण लांजेवार (28), धर्मेंद्र चौधरी (33), विरेंद्र ठाकुर (37) और मनीष कुमार साहू (43) शामिल हैं।
अगले दिन, 27 नवंबर को सिटी कोतवाली पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में अवैध सट्टा संचालन की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने दबे पेट्रोल पंप के पीछे, पोलसायपारा तालाब के पास और नलघर–जिला अस्पताल परिसर के आसपास दबिश देकर 4 आरोपियों को पकड़ा। इस कार्रवाई में जब्त की गई संपत्ति का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन कुल जब्ती 2 लाख से अधिक बताई गई है।
इन तीनों जगहों पर चल रहे सट्टा कारोबार पर पुलिस ने दबिश देते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 33,800 रुपये नकद और 7 सट्टा पट्टियाँ बरामद की गईं। सभी आरोपियों पर धारा 06, छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत कार्यवाही कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है—1. मोहम्मद अजहर (22), निवासी तकियापारा2. मिर्जा अहमद बेग (41), निवासी लुचकीपारा3. कमल नागेश (22), निवासी इंदिरा कॉलोनी4. मोहम्मद नासिर (53), निवासी हटरी बाजार, जामा मस्जिद दुर्ग
गांजा तस्करी का फरार सरगना शाहिद गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में फरार मुख्य आरोपी शाहिद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शाहिद को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। यह वही मामला है जिसमें पुलिस ने पहले 3 क्विंटल 88 किलोग्राम गांजा और एक कंटेनर सहित कुल 1 करोड़ 53 लाख रुपये का माल जब्त किया था।
यह घटना 07 सितंबर 2025 को हुई थी। दुर्ग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कंटेनर वाहन क्रमांक NL01-AH-9524 में भारी मात्रा में गांजा भरकर रायपुर से दुर्ग की ओर लाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुम्हारी टोल प्लाजा पर नाकेबंदी की।
कुछ देर बाद संदिग्ध कंटेनर वहां पहुंचा, जिसे रोककर जांच की गई। वाहन चालक ने पूछताछ में अपना नाम उमेश यादव (46 वर्ष), निवासी मधुबनी, बिहार बताया। शुरुआत में उसने कंटेनर में सामान्य सामान होने का दावा किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ पर उसने गांजा तस्करी का खुलासा किया।
उमेश यादव ने पुलिस को बताया कि वह आमतल्ला (कोलकाता) से सामान लेकर गुजरात जा रहा था। रास्ते में ग्राम बारकोड़, देवघर (ओडिशा) में उसका परिचित राहुल मिला। राहुल ने उसे कंटेनर में गांजे की खेप भरने के लिए कहा और प्रत्येक बोरी के लिए 5,000 रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद कंटेनर के नट खोलकर गेट खुलवाया गया और उसमें 13 बोरी गांजा भर दिया गया।
उमेश ने यह भी स्वीकार किया कि वह इससे पहले भी गांजे की एक खेप नागपुर में शाहिद के पास छोड़ चुका है। इससे शाहिद की इस गिरोह में मुख्य भूमिका स्पष्ट हुई।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने कंटेनर से 3 क्विंटल 88 किलोग्राम गांजा, 25 लाख रुपये का कंटेनर वाहन और 51 लाख रुपये का अन्य सामान जब्त किया था। जब्त किए गए माल की कुल कीमत 1 करोड़ 53 लाख रुपये आंकी गई थी।
इस मामले में पहले ही तीन आरोपी उमेश यादव, मुस्ताक अहमद और फैयाज अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। लेकिन मुख्य आरोपी, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड नागपुर का रहने वाला शाहिद अहमद (36 वर्ष) घटनास्थल से फरार हो गया था।
नागपुर से पकड़ा गया फरार तस्कर