जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मोहतरा में खुले मैदान में राखड़ डंपिंग के विरोध में गुरुवार को हसदेव नदी पुल के पास चक्काजाम किया गया था। इस मामले में नवागढ़ थाने में 8 नामजद सहित 20-25 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन पर आवागमन बाधित करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 191(2) और 127(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई जानबूझकर सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करने और लोगों की आवाजाही रोकने के आरोप में की गई है।
सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने बताया कि यह घटना 29 जनवरी को हुई थी। ग्राम मोहतरा के ग्रामीणों ने सुबह से हसदेव पुल के पास घेराव कर चक्का जाम किया था। उनका विरोध खुले में हो रही राखड़ डंपिंग को लेकर था।
राखड़ डंपिंग से प्रदूषण और स्वास्थ्य पर असर
ग्रामीणों के अनुसार राखड़ डंपिंग से उड़ने वाली राख घरों, तालाबों के पानी और स्कूल परिसर तक पहुंच रही थी, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा था और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था। खुले में राखड़ डंपिंग रोकने की मांग को लेकर यह चक्का जाम लगभग 6 घंटे तक चला, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
चक्का जाम मामले में 8 नामजद, 25 अज्ञात पर केस
नवागढ़ थाने में जिन 8 लोगों को नामजद किया गया है। उनमें गोपाल पटेल, जीवन पटेल, शंकर लाल, पुरुषोत्तम पटेल, चंद्रशेखर देवांगन, शांति लाल पटेल, आगेश यादव और विनोद खूंटे शामिल हैं। इनके अलावा 20-25 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।