राजधानी रायपुर में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को रोकने के लिए नगर पालिक निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। निगम ने हीरापुर–जरवाय और सोनडोंगरी क्षेत्र में स्थित कई जमीनों को अवैध कॉलोनी घोषित किया है।
निगम अधिकारियों के अनुसार, इन जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान इन क्षेत्रों में कोई भी गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसका मतलब है कि वहां न तो निर्माण किया जा सकता है, न जमीन की खरीद-बिक्री की जा सकती है और न ही नया कब्जा किया जा सकता है।
कौन-कौन से इलाके शामिल
नगर निगम की सूचना के मुताबिक, हीरापुर–जरवाय क्षेत्र में कई खसरा नंबरों की जमीनें अवैध पाई गई हैं। सोनडोंगरी क्षेत्र में भी कई भूखंड अवैध कॉलोनी की श्रेणी में रखे गए हैं। इन जमीनों पर बिना वैध अनुमति के प्लॉटिंग की जा रही थी
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि अधिग्रहण के दौरान यदि कोई व्यक्ति निर्माण करता है, जमीन पर कब्जा करता है या उसकी खरीद-बिक्री करता है, तो उससे होने वाले सभी आर्थिक और कानूनी नुकसान के लिए वह खुद जिम्मेदार होगा। ऐसे मामलों में नगर निगम की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
जानिए क्यों लिया गया एक्शन
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में बढ़ते अवैध निर्माण, बिना अनुमति कॉलोनियों के विकास और आम लोगों को गुमराह कर जमीन बेचने जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। कई बार लोग बिना जांच के जमीन खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों से अपील
नगर निगम ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे हीरापुर–जरवाय और सोनडोंगरी क्षेत्रों में जमीन या मकान खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी जानकारी जरूर लें। जमीन नगर निगम से स्वीकृत है या नहीं, इसकी जांच करना जरूरी है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और भविष्य में ऐसे मामलों में और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।