
हर महीने की 1 तारीख को यहां साफ-सफाई अभियान चलाया जाता है। इसी के तहत रविवार सुबह नगर निगम की टीम मंडी पहुंची। उस समय अधिकांश सब्जी दुकानें बंद थीं। इसी दौरान अमले ने कई दुकानों पर लगे तिरपालों को चाकू और हाथ से खींचकर हटाना शुरू कर दिया।
व्यवसायियों ने किया विरोध
जैसे ही व्यापारियों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने मंडी अध्यक्ष को सूचना दी। मंडी अध्यक्ष कुलदीप नरसिंग सहित बड़ी संख्या में सब्जी व्यवसायी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना है कि यह कदम गलत और पक्षपातपूर्ण है।
“नोटिस बड़े दुकानदारों को, कार्रवाई हम पर”
व्यवसायियों के अनुसार, कुछ दिन पहले पक्की दुकानों के अतिक्रमण की शिकायत निगम से की गई थी। उन दुकानदारों को नोटिस भी जारी हुआ था। लेकिन कार्रवाई छोटे सब्जी विक्रेताओं पर कर दी गई, जिन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था।
“धूप से बचने के लिए लगाते हैं तिरपाल”
मंडी अध्यक्ष कुलदीप नरसिंग ने कहा कि, तिरपाल अतिक्रमण के लिए नहीं बल्कि धूप और बारिश से सब्जियों को बचाने के लिए लगाए जाते हैं। बंद दुकानों के तिरपाल फाड़ना गलत है। उन्होंने बताया कि महापौर को भी इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला।
रास्ता और नाली साफ करना जरूरी- निगम
नगर निगम के सब इंजीनियर सूरज देवांगन ने बताया कि, मासिक सफाई अभियान के तहत नालियों के ऊपर रखे स्लैब हटाए गए और रास्ते में रखे तख्तों को भी हटाया गया। तिरपालों के कारण आवाजाही में दिक्कत हो रही थी, इसलिए उन्हें हटाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि अग्निकांड जैसी आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को रास्ता मिल सके, इसलिए रास्ता साफ रखना जरूरी है। कार्रवाई से पहले सूचना दी गई थी। छोटे व्यापारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।