रायगढ़ के वन परिक्षेत्र बंगुरसिया सर्किल में हाथी शावक की डूबने से मौत के बाद ग्रामीणों ने तालाब के शुद्धिकरण और दशकर्म का आयोजन किया

Chhattisgarh Crimesरायगढ़ के वन परिक्षेत्र बंगुरसिया सर्किल में हाथी शावक की डूबने से मौत के बाद ग्रामीणों ने तालाब के शुद्धिकरण और दशकर्म का आयोजन किया। भजन-कीर्तन करते हुए लोग घटना स्थल पर पहुंचे। जहां पूजा-पाठ की गई। इस आयोजन में लोगों के साथ वन अफसर भी शामिल हुए।

दिसंबर 2025 को एक हाथी शावक की बड़झरिया तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। शावक की मौत के बावजूद हाथियों का झुंड कई दिनों तक आसपास के जंगल में ही डटा रहा। हाथियों के कारण धान मंडी में रखी धान की बोरियों को लगातार नुकसान पहुंच रहा था।

ऐसे में बंगुरसिया और नवागांव के ग्रामीणों ने शुद्धिकरण, वन और वन्यप्राणियों की सुरक्षा और जनहानि की आशंका को दूर करने के लिए रविवार को दशकर्म का आयोजन किया। आपसी चंदा कर कार्यक्रम की व्यवस्था की,

जिसमें बैगा और ग्रामीणों ने शिव-गणेश मंदिर में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना की और मृत्युभोज के रूप में भोजन ग्रहण किया।

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