कवर्धा जिले में कांग्रेस ने मनरेगा, धान घोटाले की जांच समेत 5 सूत्रीय मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। 3 फरवरी को PCC चीफ दीपक बैज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने पहुंचे।
प्रदर्शन कर राज्य व जिला प्रशासन का ध्यान जनसमस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए जल्द निराकरण की मांग की गई। कार्यक्रम की शुरुआत जिला मुख्यालय में एकत्रित कांग्रेसजनों की सभा से हुई थी।
बैज ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से त्रस्त है, लेकिन सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ती रहेगी।
तख्तियां व बैनर लेकर प्रदर्शन
घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां व बैनर लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पांच सूत्रीय मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से ये मांग शामिल है।
- मनरेगा बचाव संग्राम
- कवर्धा में 07 करोड़ के धान घोटाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई।
- किसानों के धान खरीदी की समय सीमा में बढ़ोतरी की मांग।
- जिले में धान किसानों का रुका पेमेंट को लेकर।
- कवर्धा के साथ साथ प्रदेश में लॉ ऑर्डर की स्थिति बिगड़ी हुई है।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई सहित कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
घेराव कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन जनता की आवाज है और जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।