
पर्यटकों ने गांव की प्राकृतिक सुंदरता और जंगलों की सराहना की। धमतरी मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित जबर्रा में मिडिल स्कूल, आंगनबाड़ी, उपस्वास्थ्य केंद्र, पेयजल ओवरहेड टैंक और मोबाइल टावर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यहां की ऊंची पहाड़ियां और घने जंगल सैलानियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। सिंघोला पहाड़ी से गरियाबंद, दुगली और नगरी के मनोरम दृश्य भी दिखाई देते हैं। ग्राम जबर्रा इको टूरिज्म समिति के अध्यक्ष माधव मरकाम ने बताया कि अब तक देश-विदेश से कुल 113 पर्यटक यहां आ चुके हैं।
इनमें ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, नेपाल और जर्मनी के पर्यटक शामिल हैं। समिति ने पिछले पांच महीनों में 75 हजार रुपए की आय अर्जित की है। पर्यटकों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए 20 सदस्यीय टीम कार्यरत है।
माधव मरकाम ने यह भी बताया कि जबर्रा में इको टूरिज्म की शुरुआत वर्ष 2018-19 में तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल के कार्यकाल में हुई थी। ग्राम में होम स्टे, सामुदायिक भवन और अन्य विकास कार्यों पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।