
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे लोग आग और गर्म गैस की चपेट में आ गए। सभी घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीज 70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
टायर गलाने के दौरान हुआ विस्फोट
मंगल कार्बन प्लांट में पुराने टायर पिघलाकर सड़क बनाने के लिए ऑयल तैयार किया जाता था। सुबह काम के दौरान मशीन का ढक्कन खोलते ही तेज धमाका हुआ। ऑक्सीजन अंदर जाते ही आग भड़क उठी, जिससे कई मजदूर झुलस गए।
घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन प्लांट के कर्मचारियों ने जानकारी देने से बचते रहे। इस हादसे में प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है।
प्रशासन और पुलिस मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्लांट परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि, प्लांट में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।