
पूरन मेश्राम/मैनपुर। उदंती–सीतानदी टायगर रिजर्व क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अनुसूचित (पेसा) ग्रामों में सूर्यास्त से सूर्योदय तक आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी विषय को लेकर आज ग्राम गोना में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, पेसा ग्राम सभा प्रतिनिधियों, झांकर-पटेल समाज के प्रमुखों तथा बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बिना ग्राम सभा से परामर्श, बिना क्षेत्रीय मुखियाओं एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए इस प्रकार का एकाएक प्रतिबंध संविधान की पंचम अनुसूची, पेसा अधिनियम 1996 तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कभी भी एक झटके में हजारों ग्रामीणों की रात्रीकालीन आवाजाही, सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का आदेश नहीं दिया होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों में वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के जीवन और आजीविका की रक्षा भी निहित रहती है।इस प्रकार सूर्यास्त से सूर्योदय तक पूर्ण प्रतिबंध लगाना संविधान के
अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार),अनुच्छेद 19(1)(d) (आवागमन की स्वतंत्रता), अनुच्छेद 21 (जीवन व आजीविका का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
पेसा क्षेत्र में ग्राम सभा मे सर्वोच्च निर्णय
सर्वसम्मति से बैठक में यह भी गंभीर प्रश्न उठाया गया कि जब यह संपूर्ण क्षेत्र पेसा अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र है, जहां ग्राम सभा सर्वोच्च संस्था है, तो टायगर रिजर्व घोषित करते समय एवं वर्तमान प्रतिबंध आदेश जारी करने से पूर्व क्या सबंधित ग्राम सभाओं से विधिवत प्रस्ताव और सहमति क्या ली गई थी।
यदि ऐसा नहीं किया गया तो यह आदेश असंवैधानिक एवं जनविरोधी है।
पेसा ग्राम सभा को मजबूत करने का ऐतिहासिक निर्णय
बैठक में पेसा ग्राम सभाओं को सशक्त करने को लेकर विशेष चर्चा हुई और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि,पेसा गांँवों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा, चाहे वह प्रशासनिक अधिकारी ही क्यों न हो।क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा लगातार प्रताड़ना की जा रही है,जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुसूचित क्षेत्रों के गांव-गांव जाकर ग्राम सभा को मजबूत किया जाएगा और पेसा कानून के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।यह निर्णय पूरे उदंती–सीतानदी टायगर रिजर्व क्षेत्र के निवासियों द्वारा सामूहिक रूप से लिया गया है।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिले के कलेक्टर एवं उदंती–सीतानदी टायगर रिजर्व के उपनिदेशक को 6 फरवरी दिन शुक्रवार को ज्ञापन सौंपा जाएगा,जिसमें मांँग की जाएगी कि वर्तमान सूर्यास्त से सूर्योदय तक प्रतिबंध आदेश को तत्काल शिथिल किया जाए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की हिंदी प्रति सार्वजनिक की जाए, पेसा अधिनियम का पालन करते हुए ग्राम सभाओं से विधिवत परामर्श लिया जाए।क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दिया है कि यदि इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आगामी 15 दिवस के भीतर शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं युवाओं ने एक स्वर में कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की सर्वोच्चता और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।इस बैठक में प्रमुख रूप जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष सुनील मरकाम, किसान मजदूर संघर्ष समिति उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व के अध्यक्ष अर्जुन सिंह नायक, जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के अध्यक्ष पतंग मरकाम, किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष दैनिक राम मंडावी, ग्राम पंचायत रिसगांव सरपंच चंद्र कुमार अग्रवानी, जनपद सदस्य प्रतिनिधि ईश्वरी नेताम, गोंडवाना समाज के मुखिया टीकम सिंह नागवंशी, सरपंच प्रतिनिधि अमाड़ गोपाल नेताम,सरपंच प्रतिनिधी जांगड़ा अरविंद नेताम,शोभा सरपंच धनश्याम मरकाम,अड़गड़ी सरपंच प्रतिनिधि कृष्णा कुमार नेताम,गहराडीह सरपंच शंकर लाल नेताम, भूतबेड़ा सरपंच टीकम मरकाम, गोना सरपंच प्रतिनिधि नरेश कुमार नेताम, करण नाग, रोहन नेताम, पुरुषोत्तम परदे,नकुल नागेश, रमेश कुमार मरकाम लोकेश कुमार मंडावी, धनेश्वर मरकाम, रविंद्र मरकाम,अशोक कुमार नेताम,हिम्मत नेताम, सुंदरलाल यादव, कारण माझी,धनीराम, विनोद कुमार सहित सैकड़ो की संख्या में उदंती सीतानदी राजापड़ाव क्षेत्र के सैकडो़ बुजुर्ग युवा साथी बैठक मे शामिल रहे।