भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी)रेड स्टार एवं आदिवासी भारत महासभा ने कॉमरेड भोजलाल नेताम का स्मरण किया

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आजादी के 78 साल बाद भी आदिवासी जनता मूलभूत अधिकारों से वंचित हैं

पूरन मेश्राम/मैनपुर।आदिवासी भारत महासभा (ए.बी.एम) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) रेड स्टार के राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड भोजलाल नेताम का निधन 4 फरवरी 2023 को हो गया था, जिनकी तृतीय पुण्यतिथि पर 4 फरवरी को ग्राम जिडार जिला गरियाबंद में स्मरण सभा आयोजित कर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित किया गया।कॉमरेड भोजलाल नेताम की पत्नी कॉमरेड हिरोबाई एवं कॉमरेड भीमसेन मरकाम ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किया।कॉमरेड भीमसेन मरकाम ने कहा कि भोजलाल नेताम औऱ मैं दोनों 1964 से कम्युनिस्ट आंदोलन के साथ जुड़े है।
क्षेत्र की उत्पीड़ित आदिवासी जनता को एकजुट करके कई आंदोलन किये।
ज्ञात हो कि कॉमरेड भोजलाल नेताम अपनी युवा अवस्था से ही कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित थे। मेहनतकश जनता के जनवादी क्रांति के पक्षधर थे। वह जीवन भर पूर्णकालिक पेशेवर क्रांतिकारी रहे। जिन्होंने अपना जीवन ताउम्र क्रांति के आदर्शों व सिद्धांतों पर चलते हुये बिताया।
भा क पा (मा ले) रेड स्टार के राज्य कमेटी सदस्य कामरेड युवराज नेताम ने कहा कि स्वर्गीय भोज लाल नेताम आदिवासियों के हित में कई संघर्षों व आंदोलनों का नेतृत्व किया।इस संबंध में उन्हें दर्जनों बार जेल भी जाना पड़ा वे निरंतर संघर्ष को आगे बढ़ाते रहे।शासक वर्ग के सामने कभी भी नहीं झुके।आदिवासी भारत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने तेलंगाना, उड़ीसा,झारखंड,आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यो में जाकर आदिवासी भारत महासभा को आगे बढ़ने का प्रयास किया। जल-जंगल-जमीन, पेसा कानून, पांचवी अनुसूची को लागू करने एवं आदिवासियों पर बढ़ते दमन के खिलाफ निरंतर अपनी आवाज बुलंद करते रहे। उनकी तृतीय पुण्यतिथि पर उनको याद किया गया। फासिस्ट संघ परिवार के निर्देश पर मोदी सरकार अडानी अंबानी सरीखे महाभ्रष्ट कॉरपोरेट घरानों के हित में आदिवासियों को उनके जल जंगल जमीन से हटाने के लिए नये नये कानून बना रही है।छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार औऱ उनकी पुलिस माओवादी/नक्सली उन्मूलन के नाम पर निर्दोष आदिवासियों की हत्या करने पर तुली है। कॉमरेड भोजलाल नेताम को याद करने का मतलब है कि उनके द्वारा शुरू किये गये संघर्षो को आगे ले जाना है।मेहनतकश जनता की राजसत्ता कायम करनी है । साम्राज्यवाद, कॉरपोरेट लूट एवं फासिस्ट बी जे पी/आरएसएस की नव फ़ासीवाद लूट के खिलाफ संघर्ष करते हुए जनता की जनवादी क्रांति को संपन्न करना ही कॉमरेड भोजलाल नेताम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम,जनपद पंचायत सदस्य प्रताप मरकाम,महेंद्र नेताम,जन्मजेय नेताम,कॉमरेड थानसिंह मानडेय,AIKKS के राज्य सचिव कॉमरेड हेमंत , मूलचंद साहू, सियाराम ठाकुर,बलिराम ठाकुर,भगवती नागेश,हेमबाई मरकाम, दिनेश्वरी साहू, सुमित्रा बाई नेताम,राजेस्वरी मरकाम,मैनाबाई मरकाम मंगतीन बाई नेताम, खिलेन्द्री नेताम,भीमसेन मरकाम,,युवराज नेताम,पदमलाल नेताम,गोखरण नागेश,परमेश्वर मरकाम, एवं अन्य लोगों ने भाग लिया।