रायपुर और कांकेर में दो सड़क हादसों में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल

Chhattisgarh Crimesरायपुर और कांकेर में दो सड़क हादसों में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक रायपुर के लाभांडी निवासी भाई-बहन रोज ई-रिक्शा से स्कूल जाते थे। लेकिन शुक्रवार को पहली बार स्कूटर से स्कूल जा रहे थे। सिविल लाइंस स्थित छत्तीसगढ़ क्लब के सामने सुबह 7.30 बजे स्कूटर को पुलिस की क्रेन ने पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर गए। भाई क्रेन के पिछले पहिए के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बहन की हालत गंभीर है, जिसका उपचार निजी अस्पताल में जारी है।

वीआईपी इलाके में सुबह हुए इस हादसे से हड़कंप मच गया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्रेन को जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस हादसे की समीक्षा कर रही है। पुलिस ने बताया कि पार्क शिरिन निवासी कारोबारी सुमित आठवानी का बेटा अंश आठवानी (14) और बेटी नवीषा (11) शुक्रवार सुबह ई-स्कूटर से स्कूल जा रहे थे। नवीषा के कमर, हाथ और सिर पर चोट आई है।

इधर, कांकेर में नेशनल हाइवे पर शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इसमें सवार 6 में से दो स्कूली छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। दो गंभीर रूप से घायलों को रायपुर रेफर किया गया है। जबकि दो का इलाज कांकेर में चल रहा है। मृतकों में एक स्कूली छात्र वेदांत पटेल का 6 फरवरी को बर्थ डे था। इसी खुशी में सभी दोस्त माकड़ी चाय पीने जा रहे थे। कार भावेश गजबल्ला निवासी गोविंदपुर चला रहा था। हादसे की सामने आए सीसी टीवी फुटेज के अनुसार कार की रफ्तार काफी अधिक थी। वेदांत पटेल व युवराज कालेकर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलाव कार चला रहे भावेश व आयुष को गंभीर चोटें आई। जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है।

राज्य में 3.10 प्रतिशत बढ़े हादसे राज्य में 2025 में 15 हजार 318 सड़क हादसे हुए है। इसमें 6728 लोगों की जान गई है। इसमें 13135 लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। जबकि 2024 में 14857 हादसे में 6945 लोगांे की जान गई है। पिछले साल सड़क हादसे में 3.10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल राज्य में 108 से ज्यादा ब्लैक स्पॉट थे। जबकि 2019 से 2024 के बीच यह 885 थे।

भास्कर इनसाइट- प्रदेश में पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे रायपुर में

राजधानी रायपुर पिछले तीन सालों से सड़क हादसों में नंबर-वन बना हुआ है। राज्य में सबसे ज्यादा जानें रायपुर में ही जा रही हैं। दूसरे नंबर पर कोरबा और तीसरे पायदान पर दुर्ग है।

चौड़ी सड़क पर रफ्तार ज्यादा, यही हादसों की वजह: ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रफुल्ल जोशी ने बताया कि चौड़ी और सपाट सड़कों पर हादसे ज्यादा होते हैं, क्योंकि इन पर वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है। चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं और कई बार नियंत्रण खो देते हैं। राजधानी होने की वजह से रायपुर में ट्रैफिक का दबाव भी ज्यादा है। हादसों में 90 फीसदी जानें बाइक सवारों की जाती हैं।