बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से जुड़ा धान खरीद-फरोख्त का मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले तक पहुंच गया। सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र अंतर्गत सागोबाध गांव में शुक्रवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पूछताछ के लिए पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
छत्तीसगढ़ पुलिस सागोबाध गांव में ग्राम प्रधान के पति से पूछताछ करने उनके घर पहुंची थी और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। हालांकि, ग्राम प्रधान पति ने थाने जाने से इनकार कर दिया। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।
फरार आरोपी की तलाश में पहुंची थी टीम
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस सनावल थाना क्षेत्र से जुड़े धान खरीद-फरोख्त मामले में फरार आरोपी की तलाश में सागोबाध गांव पहुंची थी। ग्रामीणों के विरोध के कारण पुलिस को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।
वापसी में पुलिस वाहन रोककर हुई बहस
वापसी के दौरान आरोपी के समर्थकों ने पुलिस वाहन को रोक लिया और पुलिसकर्मियों से बहस की। ग्रामीणों ने पुलिस वाहन पर ‘गुप्ता परिवार’ लिखे होने और नंबर प्लेट ढकी होने पर भी आपत्ति जताई। हालांकि, इस दौरान किसी प्रकार की हिंसा की सूचना नहीं मिली है।
बभनी थाना प्रभारी ने दी जानकारी
बभनी थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस कुछ लोगों की तलाश में गांव आई थी। उन्होंने कहा कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत या मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।
सनावल थाना प्रभारी बोले- शराबियों ने रास्ता रोककर हुड़दंग किया
सनावल थाना प्रभारी ब्रिज लाल भारद्वाज ने बताया कि वे दो अलग-अलग मामलों में वारंटी को पकड़ने सागोबाध गांव गए थे। उन्होंने कहा कि लौटते समय कुछ शराबियों ने रास्ता रोककर हुज्जतबाजी की थी। थाना प्रभारी ने किसी बड़ी घटना से इनकार किया है।